चांदी की कीमत बढ़ी तो छत्तीसगढ़ की सरकारी योजना में बांटे आर्टफिशयल मंगलसूत्र, कांग्रेस बोली सुहाग में लूट
छत्तीसगढ़ के खड़गवां ब्लॉक में आयोजित मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत नवविवाहितों को वितरित किए गए मंगलसूत्रों को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो ...और पढ़ें
By Paritosh DubeyEdited By: Paritosh Dubey
Publish Date: Mon, 15 Jun 2026 11:10:59 AM (IST)Updated Date: Mon, 15 Jun 2026 11:10:59 AM (IST)
मनेन्द्रगढृ में विवाहिताओं ने शिकायत दर्ज कराई है। नईदुनिया अर्काइव राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, रायपुर। छत्तीसगढ़ के खड़गवां ब्लॉक में आयोजित मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत बांटे गए आभूषणों को लेकर राजनीतिक विवाद आरंभ हो गया है। महिला कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि योजना के तहत विवाहित महिलाओं को चांदी के स्थान पर अन्य धातु से निर्मित नकली मंगलसूत्र वितरित किए गए हैं। राज्य सरकार ने चांदी की बढ़ी कीमत व स्वीकृत आर्थिक प्रविधानों को कृत्रिम मंगलसूत्र दिए जाने का कारण बताया है।
रंग उतरा तो सामने आया मामला
10 फरवरी 2026 को खड़गवां में आयोजित सामूहिक विवाह कार्यक्रम में 189 जोड़ों का विवाह संपन्न कराया गया था। विवाह के पश्चात जब महिलाओं ने आभूषणों का उपयोग किया, तब उनके रंग और वजन में विसंगति पाई गई। महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष और विधायक संगीता सिन्हा ने कहा कि सामग्री क्रय करने वाली एजेंसियों और अधिकारियों की लापरवाही की जांच होनी चाहिए। टेंडर प्रक्रिया की समीक्षा करने और प्रभावित परिवारों को निर्धारित मानक के अनुसार आभूषण उपलब्ध कराया जाना चाहिए।
50 हजार का बजट, 35 डीबीटी व बाकी से आयोजन
महिला एवं बाल विकास विभाग के अनुसार मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत प्रति कन्या 50 हजार रुपये की सहायता राशि का प्रावधान है। इसमें 35 हजार रुपये सीधे हितग्राही के बैंक खाते में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से भेजे जाते हैं। 15 हजार से विवाह आयोजन, 20 अतिथियों के भोजन, आवास, वर-वधू के वस्त्र, चांदी के बिछिया-पायल और श्रृंगार सामग्री की व्यवस्था की जाती है। अधिकारियों ने बताया कि बाजार में चांदी के मूल्य में हुई अत्यधिक वृद्धि के कारण निर्धारित वित्तीय सीमा के भीतर स्वीकृत प्रावधानों के अनुरूप ही कृत्रिम (आर्टिफिशियल) मंगलसूत्र वितरित किए गए थे।