Raipur Crime: मोवा के अशोका आइकन में 12 दिन पहले रखे गए बिहार के रसाेइए ने की 70 लाख की चोरी
रायपुर के मोवा स्थित अशोका आइकन कॉलोनी में एक सनसनीखेज चोरी का मामला सामने आया है। महज बारह दिन पहले रखे गए रसोइया ने परिवार के बाहर जाने का फायदा उठा...और पढ़ें
Publish Date: Mon, 27 Jul 2026 12:14:45 PM (IST)Updated Date: Mon, 27 Jul 2026 12:17:02 PM (IST)
पुलिस कार्रवाई की प्रतीकात्मक तस्वीर। अर्काइवHighLights
- मोवा के अशोका आइकन में हुई बड़ी चोरी
- 51 लाख नकद और जेवर लेकर हुआ फरार
- पंडरी थाना पुलिस मामले की जांच में जुटी
नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर। राजधानी के मोवा स्थित अशोका आइकन कालोनी में 70 लाख रुपये की चोरी हुई है। वारदात में जिस रसोइए को महज 12 दिन पहले घर में काम पर रखा गया था, उसी पर अपने साथियों के साथ मिलकर चोरी करने का आरोप लगा है। आरोप है कि परिवार के नया रायपुर जाने का फायदा उठाकर उसने अलमारी तोड़ी और लाखों रुपये की नकदी, सोने-चांदी के जेवर, महत्वपूर्ण दस्तावेज और पेन ड्राइव लेकर फरार हो गया। घटना की सूचना मिलते ही पंडरी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी।
14 जुलाई से बना रहा था खाना
पुलिस के अनुसार अशोका आइकन फेस-1, मोवा निवासी कोयला कारोबारी पंकज अग्रवाल ने रिपोर्ट दर्ज कराई है कि उन्होंने महेंद्र कुमार यादव, निवासी कटोरिया, जिला बांका (बिहार) को 14 जुलाई से अपने घर में रसोइए के रूप में रखा था। इससे पहले भी महेंद्र करीब आठ दिन तक उनके यहां काम कर चुका था। घर के कामकाज और परिवार की दिनचर्या की पूरी जानकारी होने के कारण उस पर पूरा भरोसा किया गया था। रविवार 26 जुलाई को दोपहर करीब दो बजे पंकज अग्रवाल अपने परिवार के साथ निजी कार्य से नया रायपुर चले गए। उस समय घर में केवल रसोइया महेंद्र यादव मौजूद था। शाम करीब सात बजे जब पूरा परिवार वापस लौटा तो मुख्य दरवाजा बंद था और घर के अंदर अंधेरा था। संदेह होने पर परिवार पीछे के हिस्से में पहुंचा, जहां पिछला गेट खुला मिला। पीछे के रास्ते से घर में प्रवेश करने पर बेडरूम का दरवाजा खुला मिला।
अलमारी में रखी थी नकदी रकम
कमरे में रखी अलमारी के दोनों दरवाजे खुले हुए थे। जांच करने पर पता चला कि अलमारी में रखी 51 लाख 50 हजार रुपये की नकदी गायब थी। इसके अलावा लाकर से पत्नी और बेटी के सोने के कंगन, गले का सेट, कान के आभूषण, दो सोने की 10-10 ग्राम की गिन्नियां, करीब 10 ग्राम का सोने का टुकड़ा, सोने के झुमके, पांच जोड़ी टाप्स, ब्रेसलेट, लगभग 20 चांदी के सिक्के, पेन ड्राइव और कार्यालय के दस्तावेज भी चोरी हो चुके थे। चोरी गई संपत्ति की कुल कीमत लगभग 70 लाख रुपये आंकी गई है।
पेचकस की मदद से खोली अलमारी
एफआइआर के मुताबिक आरोपितों ने बड़ी सफाई से पेचकस की मदद से अलमारी खोलकर उसमें रखा सारा कीमती सामान निकाला और उसे घर में मौजूद लैपटाप बैग में भरकर फरार हो गए। प्रथम दृष्टया पुलिस को आशंका है कि चोरी की वारदात पूर्व नियोजित थी और आरोपित ने घर की गतिविधियों पर नजर रखने के बाद मौका मिलते ही घटना को अंजाम दिया। शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि महेंद्र यादव ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर चोरी की है।
घटना के बाद से आरोपित फरार
घटना की जानकारी मिलते ही पंडरी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। पुलिस ने घर से मिले साक्ष्यों को सुरक्षित किया है और फारेंसिक टीम की मदद से भी जांच कराई जा रही है। कालोनी और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि आरोपितों की आवाजाही का पता लगाया जा सके। पुलिस आरोपित के मोबाइल नंबर, उसके पुराने रिकार्ड, बिहार स्थित पते और उसके संपर्क में रहने वाले लोगों की भी जानकारी जुटा रही है। घटना के बाद से फोन बंद कर वह फरार है।