• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
  • मेरी खबरें
  • user
मेरी खबरेंuser
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • कोरोना वायरस
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • त्विषा शर्मा केस
  • भोजशाला पर फैसला
  • ए आई बूटकैंप
  • एलपीजी संकट
  • गर्मी का मौसम
  • मध्‍य प्रदेश की खबरें
  • वास्‍तु शास्‍त्र
  • स्वच्छ जल
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • रायपुर

52 करोड़ की कोल लेवी का हिसाब तलाश रही ईओडब्ल्यू की रामगोपाल अग्रवाल से मैराथन पूछताछ जारी

कोल लेवी घोटाले में ईओडब्ल्यू की रिमांड पर चल रहे कांग्रेस कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल से एजेंसी 52 करोड़ रुपये के लेनदेन के संबंध में पूछताछ कर रही ह...और पढ़ें

By Satish PandeyEdited By: Paritosh Dubey
Publish Date: Sun, 12 Jul 2026 10:27:45 AM (IST)Updated Date: Sun, 12 Jul 2026 10:29:24 AM (IST)
52 करोड़ की कोल लेवी का हिसाब तलाश रही ईओडब्ल्यू की रामगोपाल अग्रवाल से मैराथन पूछताछ जारी
राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा का राजधानी रायपुर स्थित कार्यालय। अर्काइव

HighLights

  1. कोल लेवी मामले में रामगोपाल से कड़ी पूछताछ
  2. 52 करोड़ की लेवी का ईओडब्ल्यू तलाश रही हिसाब
  3. रिमांड खत्म होने पर अन्य मामलों में होगी कार्रवाई

राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, रायपुर। कोल लेवी घोटाले में ईओडब्ल्यू (आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो) की रिमांड पर चल रहे प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल से कड़ी पूछताछ जारी है। जांच एजेंसी उनसे 52 करोड़ 62 लाख 20 हजार रुपये के संग्रहण, प्रबंधन और उपयोग के संबंध में सवाल-जवाब कर रही है। ईओडब्ल्यू का दावा है कि यह राशि कांग्रेस भवन तक पहुंचाई गई थी। अधिकारी यह पता लगा रहे हैं कि इस धनराशि का उपयोग कहां और क्यों किया गया। हालांकि, रिमांड के तीसरे दिन भी रामगोपाल अग्रवाल ने अपने ऊपर लगे आरोपों को नकारते हुए खुद को निर्दोष बताया।

सूर्यकांत की डायरी में पिता-पुत्र का नाम

ईओडब्ल्यू के अनुसार, 30 जून 2022 को आयकर विभाग ने मुख्य आरोपित सूर्यकांत तिवारी और उसके सहयोगियों के ठिकानों पर छापेमारी की थी। इस दौरान बरामद डायरी और दस्तावेजों में कथित लेवी के लेन-देन का विवरण मिला था। इसमें रामगोपाल अग्रवाल और उनके पुत्र वैभव अग्रवाल के नामों का उल्लेख होने का दावा है। सूत्रों के मुताबिक, आबकारी, डीएमएफ और कस्टम मिलिंग मामलों में भी रामगोपाल का नाम सामने आया है। फिलहाल उनकी गिरफ्तारी कोल लेवी मामले में हुई है। 17 जुलाई को रिमांड खत्म होने के बाद अन्य मामलों में भी कार्रवाई हो सकती है।


फरार सहयोगियों की तलाश शुरू

दूसरी ओर, ईओडब्ल्यू ने 244 करोड़ रुपये की अवैध लेवी से जुड़े मामले में सूर्यकांत तिवारी के फरार सहयोगियों की तलाश तेज कर दी है। आरोप है कि लेवी की राशि से संपत्तियां खरीदी गईं। सुनील अग्रवाल के माध्यम से करीब 96 करोड़ रुपये में एक कोल वाशरी का अधिग्रहण कराया गया था। इसके लिए बनाई गई कंपनी मां मड़वारानी कोल बेनिफिकेशन प्रा.लि. में सूर्यकांत तिवारी और हेमंत जायसवाल हिस्सेदार थे। उनकी 20 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। आयकर छापे के बाद इन संपत्तियों का स्वामित्व रातों-रात सुनील अग्रवाल के नाम ट्रांसफर कर दिया गया था।