
नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर। साइबर ठगी की रकम को सफेद करने के लिए उसे सोने में बदलकर ज्वेलर्स को चूना लगाने वाले गिरोह का रायपुर पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने मनजीत मंडल, निवासी कांकेर, शाहिल नेताम, निवासी संजय नगर, टिकरापारा और आयुष साहू निवासी टिकरापारा को गिरफ्तार किया है। तीनों आरोपितों ने साइबर ठगी की रकम से टिकरापारा क्षेत्र की दो ज्वेलरी दुकानों से सोने के सिक्के खरीदे थे।
पुलिस ने आरोपितों के कब्जे से 12 ग्राम सोने के सिक्के, जिनकी कीमत करीब 1.80 लाख रुपये है, जब्त किए हैं। पुलिस अब साइबर ठगी की रकम के स्रोत और इससे जुड़े नेटवर्क की जांच में जुट गई है।
पुलिस के मुताबिक, पहली शिकायत टिकरापारा स्थित श्री ओम शांति ज्वेलर्स के संचालक ऋषभ शर्मा ने दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि 18 जुलाई को दो युवक दुकान पर पहुंचे। एक युवक अंदर आया, जबकि दूसरा बाहर खड़ा होकर निगरानी करता रहा। युवक ने सात ग्राम सोने का सिक्का मांगा। दुकान में एक साथ सात ग्राम का सिक्का उपलब्ध नहीं होने पर उसे एक-एक ग्राम के सात सिक्के दिए गए, जिनकी कीमत 99,900 रुपये थी। भुगतान जगदंबा टीसी नाम की यूपीआइ आइडी से किया गया। दो दिन बाद बैंक ने बताया कि यह राशि साइबर ठगी से जुड़े खाते से आई थी और उसे फ्रीज कर दिया गया है।
इसी तरह दूसरी शिकायत अजय ज्वेलर्स के संचालक अजय सोनी ने दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि 17 जुलाई को एक युवक पांच ग्राम का सोने का सिक्का खरीदकर 76,220 रुपये का ऑनलाइन भुगतान कर गया। इसके बाद उसने 23,500 रुपये का एक और भुगतान किया और बाद में सोना नहीं लेने की बात कहकर यह रकम वापस ले ली। बाद में बैंक ने सूचना दी कि खाते में आई कुल 1,99,440 रुपये की राशि साइबर ठगी से जुड़ी होने के कारण होल्ड कर दी गई है और यह रकम वास्तविक पीड़ित को लौटाई जाएगी। इससे ज्वेलर को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।
दोनों मामलों में टिकरापारा थाना में अपराध दर्ज होने के बाद पुलिस उपायुक्त (क्राइम एवं साइबर) स्मृतिक राजनाला और पुलिस उपायुक्त (पश्चिम) राबिन्सन गुरिया के निर्देशन में एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट तथा टिकरापारा थाना पुलिस की संयुक्त टीम गठित की गई। टीम ने आरोपितों द्वारा इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबर, यूपीआइ आइडी, बैंक खाते, डिजिटल ट्रांजेक्शन, सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का गहन विश्लेषण किया।
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जांच में राजफाश हुआ कि आरोपित साइबर ठगी की रकम को सीधे खर्च करने के बजाय उससे सोने के सिक्के खरीद रहे थे, ताकि बाद में उन्हें बेचकर रकम को वैध दिखाया जा सके। इसी तकनीकी जांच के आधार पर पुलिस ने मनजीत मंडल, शाहिल नेताम और आयुष साहू की पहचान कर उन्हें हिरासत में लिया।
पूछताछ में तीनों ने साइबर ठगी से प्राप्त रकम का उपयोग कर सोने के सिक्के खरीदने और ज्वेलर्स के साथ धोखाधड़ी करना स्वीकार कर लिया। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि इस गिरोह के अन्य सदस्य भी हो सकते हैं। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि साइबर ठगी की रकम आरोपितों तक कैसे पहुंची, इसके पीछे कौन लोग हैं और किन-किन राज्यों में सक्रिय साइबर अपराधियों से इनका संपर्क रहा है।