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छत्तीसगढ़ में परीक्षा से 2 घंटे पहले वाट्सएप पर पहुंचा पेपर, IGKV में परीक्षा रद, इन कॉलेजों के विद्यार्थी प्रभावित

छत्तीसगढ़ के आइजीकेवी की बीएससी एग्रीकल्चर सेकेंड ईयर की एंटोमोलॉजी विषय की परीक्षा शुरू होने से करीब दो घंटे पहले प्रश्नपत्र व्हाट्सएप पर प्रसारित हो...और पढ़ें

By Ramkrishna DongreEdited By: ADITYA KUMAR
Publish Date: Thu, 20 Aug 2026 11:03:41 PM (IST)Updated Date: Thu, 20 Aug 2026 11:03:41 PM (IST)
छत्तीसगढ़ में परीक्षा से 2 घंटे पहले वाट्सएप पर पहुंचा पेपर, IGKV में परीक्षा रद, इन कॉलेजों के विद्यार्थी प्रभावित
इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय

HighLights

  1. व्हाट्सएप पर लीक हुआ B.Sc एग्रीकल्चर सेकेंड ईयर का पेपर
  2. 27 कॉलेजों के 1200 छात्रों की परीक्षा निरस्त, FIR दर्ज
  3. सीएम विष्णु देव साय के निर्देश पर बनी 5 सदस्यीय जांच टीम

नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर। छत्तीसगढ़ के इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (आइजीकेवी) की बीएससी एग्रीकल्चर सेकेंड ईयर की एंटोमोलॉजी (कीट विज्ञान) विषय की परीक्षा शुरू होने से करीब दो घंटे पहले प्रश्नपत्र व्हाट्सएप पर प्रसारित होने की जानकारी सामने आने के बाद परीक्षा रद्द कर दी गई। इसके बाद देर रात साइबर सेल और तेलीबांधा थाने में अज्ञात के विरुद्ध एफआईआर दर्ज की गई है। अब सितंबर के प्रथम सप्ताह में दोबारा परीक्षा होगी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर जांच के लिए पांच सदस्यीय समिति का भी गठन किया गया है।

बताया जा रहा है कि सुबह आठ बजे सबसे पहले पेपर लीक होने की शिकायत मिली थी। इसके बावजूद निर्धारित समय पर परीक्षा जारी रही। लगातार शिकायतें मिलने के बाद विश्वविद्यालय में उच्चस्तरीय बैठक हुई। आखिरकार दोपहर दो बजे के बाद परीक्षा रद्द करने का निर्णय लिया गया।


27 कॉलेजों के 1200 छात्र प्रभावित: जांच समिति पता लगाएगी पेपर लीक का सोर्स

परीक्षा में प्रदेश के 27 कृषि महाविद्यालयों के करीब 1,200 विद्यार्थी शामिल हुए थे। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, पेपर किसी अन्य स्रोत से फॉरवर्ड होकर विद्यार्थियों तक पहुंचा था। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर विवि प्रशासन ने मामले की जांच के लिए पांच सदस्यीय समिति गठित करने का निर्णय लिया है। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि प्रश्नपत्र सबसे पहले कहां से बाहर आया, किस माध्यम से प्रसारित हुआ और कितने विद्यार्थियों तक पहुंचा।

साथ ही व्हाट्सएप पर प्रसारित पेपर और परीक्षा में इस्तेमाल होने वाले मूल प्रश्नपत्र का मिलान किया जाएगा। मार्च 2024 में भी आइजीकेवी की परीक्षा के दौरान पेपर लीक की शिकायत सामने आई थी। तब जांच समिति ने आधिकारिक पेपर लीक से इन्कार करते हुए इसे अफवाह बताया था।

इन कॉलेजों के विद्यार्थी प्रभावित

रायपुर, बिलासपुर, अंबिकापुर, जगदलपुर, कवर्धा, जांजगीर-चांपा, भाटापारा, कांकेर, बेमेतरा, कोरिया, रायगढ़, राजनांदगांव, कोरबा, कुरूद, जशपुर, महासमुंद, नारायणपुर, गरियाबंद, छुईखदान, साजा, मर्रा, लोरमी, शंकरगढ़, प्रतापपुर और पखांजूर सहित संबंधित कृषि महाविद्यालयों के विद्यार्थी।

2024 में भी उठे थे सवाल

मार्च 2024 में भी आइजीकेवी की परीक्षा के दौरान पेपर लीक की शिकायत सामने आई थी। जांच समिति ने तब आधिकारिक पेपर लीक से इन्कार करते हुए इसे अफवाह बताया था।

परीक्षा की निष्पक्षता और सभी विद्यार्थियों के हित में पेपर रद्द किया गया है। जिम्मेदार व्यक्ति की पहचान होने पर नियमानुसार कार्रवाई होगी। - डॉ. कपिल देव दीपक, रजिस्ट्रार, आइजीकेवी

इंदिरा गांधी कृषि विवि प्रशासन ने परीक्षा निरस्त कर दी है। इस मामले की जांच होगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। - विष्णु देव साय, मुख्यमंत्री

प्रदेश में पेपर लीक के अन्य प्रकरण

  • मार्च 2026: माशिमं की 14 मार्च को हुई 12वीं कक्षा की हिंदी विषय की परीक्षा का पेपर परीक्षा से पहले लीक होने की पुष्टि के बाद बोर्ड ने इसे रद्द कर 10 अप्रैल को पुनरीक्षित परीक्षा आयोजित की।
  • वर्ष 2021 और 2022: सीजीपीएससी की राज्य सेवा परीक्षाओं में प्रश्न-पत्र लीक, भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद के जरिए अयोग्य उम्मीदवारों के चयन के गंभीर मामले सामने आए, जिस पर हाई कोर्ट ने भी कड़ी टिप्पणियां कीं।