रायपुर में ट्रिपल आईटी के प्रोफेसर साइबर ठगी के शिकार, बिना OTP खाते में जुड़ा फर्जी बेनीफिशियरी, उड़ाए ₹1.08 लाख
अज्ञात साइबर अपराधियों ने उनके बैंक खाते में बिना अनुमति फर्जी बेनिफिशियरी जोड़कर तीन अलग-अलग ट्रांजेक्शन के माध्यम से कुल एक लाख आठ हजार रुपये निकाल ...और पढ़ें
Publish Date: Tue, 09 Jun 2026 05:44:31 PM (IST)Updated Date: Tue, 09 Jun 2026 05:44:31 PM (IST)
ट्रिपल IT के प्रोफेसर के साथ डिजिटल फ्रॉड।HighLights
- ट्रिपल IT के प्रोफेसर के साथ डिजिटल फ्रॉड
- एसबीआई (SBI) खाते से लगातार कटे पैसे
- लैपटॉप पर जांचने के बाद खुली ठगी की पोल
नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर। राजधानी के नवा रायपुर स्थित ट्रिपल आईटी में पदस्थ सहायक प्राध्यापक साइबर ठगी का शिकार हो गए। अज्ञात साइबर अपराधियों ने उनके बैंक खाते में बिना अनुमति फर्जी बेनिफिशियरी जोड़कर तीन अलग-अलग ट्रांजेक्शन के माध्यम से कुल एक लाख आठ हजार रुपये निकाल लिए। मामले की शिकायत पर राखी थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपित के खिलाफ अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
नंबर पर लगातार रुपये कटने के संदेश प्राप्त हुए
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार ट्रिपल आइटी नवा रायपुर के प्राध्यापक आवास में रहने वाले कृष्णानंद विश्वकर्मा ने शिकायत दर्ज कराई है कि वे संस्थान में सहायक प्राध्यापक के पद पर कार्यरत हैं। पांच जून को उनके स्टेट बैंक आफ इंडिया खाते से जुड़े मोबाइल नंबर पर लगातार रुपये कटने के संदेश प्राप्त हुए। संदेशों में 44 हजार रुपये, 44 हजार रुपये और 20 हजार रुपये की निकासी की जानकारी थी।
बिना ओटीपी कट गई रकम
अचानक खाते से राशि कटने की सूचना मिलने पर उन्होंने लैपटाप के माध्यम से अपनी नेट बैंकिंग जांची। जांच के दौरान पता चला कि उनके खाते में फैजन नाम का एक व्यक्ति बेनिफिशियरी के रूप में जुड़ा हुआ था, जबकि उन्होंने स्वयं ऐसा कोई बेनिफिशियरी नहीं जोड़ा था।
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शिकायतकर्ता का कहना है कि बेनिफिशियरी जोड़ने के लिए उनके मोबाइल पर किसी प्रकार का ओटीपी भी प्राप्त नहीं हुआ था। इसके बाद उन्होंने बैंक खाते की विस्तृत जानकारी देखी तो पता चला कि खाते से तीन अलग-अलग ट्रांजेक्शन के माध्यम से पैसे निकाल लिए गए थे।