Census 2027: फर्श, दीवार व छत में प्रयुक्त सामग्री के साथ ही शौचालय और पेयजल स्रोत की भी देनी होगी जानकारी
छत्तीसगढ़ में जनगणना दो चरणों में होगी। 16 अप्रैल से डिजिटल मोड पर स्व-गणना और एक मई से कर्मचारी घर-घर जाकर मकान सूचीकरण का काम करेंगे। ...और पढ़ें
Publish Date: Tue, 14 Apr 2026 02:10:23 PM (IST)Updated Date: Tue, 14 Apr 2026 02:11:33 PM (IST)
HighLights
- उपलब्ध सुविधाएं और परिसंपत्तियों से जुड़े सवाल
- कर्मचारियों के घर पहुंचने पर दिखाना होगा
- 62,500 अधिकारी-कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, रायपुर। प्रदेश में जनगणना को लेकर तैयारी पूरी कर ली गई है। यह दो चरणों में होगी। 16 अप्रैल से डिजिटल मोड पर स्व-गणना और एक मई से कर्मचारी (प्रगणक) घर-घर जाकर मकान सूचीकरण का काम करेंगे।
जनगणना के दौरान मकान से संबंधित विस्तृत जानकारी ली जाएगी, जिसमें फर्श, दीवार और छत में प्रयुक्त सामग्री के साथ शौचालय और पेयजल स्रोत की स्थिति शामिल होगी।
उपलब्ध सुविधाएं और परिसंपत्तियों से जुड़े सवाल
इसके अलावा परिवार की संरचना, उपलब्ध सुविधाएं और परिसंपत्तियों से जुड़े कुल 33 सवाल पूछे जाएंगे। गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव व प्रदेश जनगणना के नोडल अधिकारी मनोज कुमार पिंगवा और जनगणना कार्य निदेशक कार्तिकेय गोयल ने सोमवार को सिविल लाइन सर्किट हाउस में पत्रकारों से बातचीत में उक्त जानकारी दी।
कर्मचारियों के घर पहुंचने पर दिखाना होगा
मनोज पिंगवा ने कहा कि पहली बार जनगणना डिजिटली कराया जा रहा है, जिसमें स्व-गणना भी एक विकल्प है। यह 16 से शुरू होगा, जो 30 अप्रैल तक चलेगा। इसमें लोग अपनी जानकारी ऑनलाइन (एसई.सीईएनएसयूएस.जीओवी.इन) स्वयं भर सकते हैं। ऑनलाइन जानकारी भरने के बाद एसईआइडी जनरेट होगा, जिसे एक से 30 मई के दौरान कर्मचारियों के घर पहुंचने पर दिखाना होगा।
पुष्टि के बाद ही मकान सूचीकरण का कार्य पूर्ण होगा
कर्मचारी द्वारा पुष्टि के बाद ही मकान सूचीकरण का कार्य पूर्ण होगा। इस दौरान कोई व्यक्ति संशोधन चाहता है तो करा सकता है। कार्तिकेय गोयल ने बताया कि जनगणना की जानकारी गोपनीय रखी जाती है। टैक्स, पुलिस या जांच में जानकारी का उपयोग नहीं किया जा सकता है। इन आंकड़ों का उपयोग केवल प्रदेश व देश के विकास की योजनाएं बनाने के लिए किया जाता है।
62,500 अधिकारी-कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई
प्रदेश में डेढ़ माह तक चलने वाली प्रक्रिया के लिए 62,500 अधिकारी-कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। उन्होंने बताया कि प्रक्रिया के दौरान किसी मकान में तय समयसीमा में कोई व्यक्ति नहीं मिलता है तो मकान का सूचीकरण किया जाएगा, लेकिन व्यक्ति की गणना नहीं होगी।
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टोल फ्री नंबर 1855 ले सकते हैं जानकारी
जनगणना के दौरान नियमों के अनुसार व्यक्ति की गणना उसके स्थायी व मूल निवास के आधार पर सुनिश्चित की जाएगी। इस बार जातिगत जनगणना भी शामिल होगी, जो दूसरे चरण में की जाएगी। जनगणना से संबंधित जानकारी के लिए टोल फ्री नंबर 1855 स्थापित किया गया है, जो 16 अप्रैल से शुरू होगा।