कृषक उन्नति योजना से किसानों को बड़ी राहत, CG के 25.28 लाख किसानों को दी गई 12 हजार करोड़ रुपये की सहायता
Krishak Unnati Yojana: राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने के लिए फसल विविधीकरण को बढ़ावा दे रही है। ...और पढ़ें
Publish Date: Fri, 10 Apr 2026 08:46:55 AM (IST)Updated Date: Fri, 10 Apr 2026 10:02:12 AM (IST)
छत्तीसगढ़ सरकार दे रही हजारों रुपये प्रति एकड़ की सहायता (AI Generated Image)HighLights
- टिकाऊ खेती और बाजार आधारित उत्पादन पर जोर
- 314.60 करोड़ आदान राशि सीधे खातों में ट्रांसफर
- 3.06 लाख किसानों को विविधीकरण पर प्रोत्साहन मिला
नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर। राज्य सरकार किसानों की आय दोगुनी करने के लक्ष्य के साथ योजनाबद्ध तरीके से काम कर रही है। इसी दिशा में धान पर निर्भरता कम करने और पोषण सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए फसल विविधीकरण को प्राथमिकता दी जा रही है। कृषक उन्नति योजना (Krishak Unnati Yojana) के तहत किसानों को बड़ी आर्थिक सहायता दी जा रही है।
किसानों को सीधे खातों में सहायता
कृषक उन्नति योजना के अंतर्गत राज्य के किसानों को 314.60 करोड़ रुपये से अधिक की आदान सहायता राशि सीधे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर की गई है। वर्ष 2025-26 में अब तक 25.28 लाख किसानों को कुल 12 हजार करोड़ रुपये की सहायता प्रदान की जा चुकी है, जिससे किसानों को आर्थिक मजबूती मिली है।
फसल विविधीकरण को बढ़ावा
सरकार ने फसल विविधीकरण अपनाने वाले किसानों के लिए विशेष प्रावधान किए हैं। कोदो-कुटकी, रागी, मक्का और कपास जैसी वैकल्पिक फसलें उगाने वाले 3.06 लाख किसानों को 10 हजार रुपये प्रति एकड़ की दर से 311.87 करोड़ रुपये की सहायता दी गई है। इससे किसानों को पारंपरिक खेती से बाहर निकलने का प्रोत्साहन मिला है।
पूर्ण विविधीकरण पर विशेष बोनस
जो किसान पूरी तरह से धान की खेती छोड़कर अन्य फसलों को अपना रहे हैं, उन्हें अतिरिक्त प्रोत्साहन दिया जा रहा है। ऐसे 2,235 किसानों को 11 हजार रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से 2.72 करोड़ रुपये की विशेष सहायता दी गई है।
खेती की बदलती दिशा
सरकार की इस पहल का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता देना नहीं, बल्कि खेती की लागत कम करना और किसानों को बाजार की मांग के अनुरूप तैयार करना है। दलहन, तिलहन और मोटे अनाजों को बढ़ावा मिलने से राज्य की कृषि व्यवस्था मजबूत हो रही है। यह कदम टिकाऊ खेती और भूमि की उर्वरता बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण साबित हो रहा है।
फसल विविधीकरण से न केवल किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिल रहा है, बल्कि इससे भूमि की उर्वरता भी सुरक्षित हो रही है। राज्य सरकार की यह दूरदर्शी नीति किसानों को आत्मनिर्भर बनाने और छत्तीसगढ़ की कृषि व्यवस्था को नई दिशा देने की ओर एक ठोस कदम है।
-रामविचार नेताम, कृषि मंत्री, छत्तीसगढ़