
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, रायपुर। राज्य में इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती संख्या के साथ चार्जिंग सुविधाओं का नेटवर्क भी बढ़ाने की तैयारी है। पीएम ई-ड्राइव योजना के तहत निगम क्षेत्रों में दोपहिया और चारपहिया वाहनों के लिए 25 से 30 नए ईवी चार्जिंग स्टेशन व चार्जिंग प्वाइंट प्रस्तावित हैं। इनके लिए जगह चयन की प्रक्रिया पहले ही शुरू की जा चुकी है।
अब सरकार ने चार्जिंग सेंटर खोलने के लिए जमीन और सड़क की चौड़ाई के मानक तय कर दिए हैं। हाईवे और प्रमुख सड़कों पर हर 25 किमी पर चार्जिंग सेंटर बनाने का प्रविधान किया गया है, जबकि 30 मीटर से कम चौड़ी सड़क पर सेंटर की अनुमति नहीं होगी। पुराने शहरों में विशेष परिस्थितियों में सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी से इसकी अनुमति दी जा सकेगी।
एक सेंटर पर कम से कम दो चार्जर होंगे। लंबी दूरी और भारी वाहनों के लिए हर 100 किमी पर तेज चार्जिंग की सुविधा रखने की व्यवस्था की गई है। आवास एवं पर्यावरण विभाग ने छत्तीसगढ़ भूमि विकास नियम, 1984 में संशोधन करते हुए ये प्रविधान किए हैं। इस संबंध में अधिसूचना भी जारी हो चुकी है। इसमें सीएनजी केंद्रों और भवनों में डिजिटल संचार सुविधा के लिए भी नए नियम जोड़े गए हैं।
चार्जिंग सेंटर शुरू करने से पहले अग्निशमन और संबंधित सुरक्षा विभाग की मंजूरी लेनी होगी। चार्जिंग स्टेशन के उपकरणों की व्यवस्था तय सुरक्षा नियमों के अनुसार करनी होगी। सेवा देने वाली कंपनी को बिजली कनेक्शन और मीटरिंग की सुविधा 24 घंटे उपलब्ध रखनी होगी। बैटरी बदलने वाले स्टेशन के लिए कम से कम 5.5 मीटर लंबी और 2.76 मीटर चौड़ी जगह जरूरी होगी।
सीएनजी मदर स्टेशन के लिए कम से कम 1080 वर्गमीटर (36 मीटर लंबा और 30 मीटर चौड़ा) जमीन जरूरी होगी। इन्हें हाईवे, विकास केंद्रों के रूप में चिन्हित गांवों, माल परिवहन क्षेत्रों और प्रमुख प्रस्तावित सड़कों के किनारे बनाया जा सकेगा। इसके अलावा भवनों में मोबाइल और अन्य डिजिटल संचार सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए इन-बिल्डिंग डिजिटल संचार व्यवस्था को भी नियमों में शामिल किया गया है।
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केंद्रीय भारी उद्योग मंत्रालय की पीएम ई-ड्राइव योजना के तहत प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन और प्वाइंट स्थापित किए जाएंगे। केंद्र सरकार चार्जिंग स्टेशनों की विद्युत अधोसंरचना लागत का 80 प्रतिशत और चार्जिंग मशीन व अन्य उपकरणों की लागत का 70 प्रतिशत तक अनुदान देगी।
शेष राशि की व्यवस्था नगर निगम कलेक्टर के समन्वय से उपलब्ध वित्तीय स्रोतों से करेंगे। प्रस्तावित चार्जिंग स्टेशन की क्षमता 144 किलोवाट होगी। प्रदेश में करीब ढाई लाख इलेक्ट्रिक दोपहिया-चारपहिया वाहन पंजीकृत हैं, जबकि सक्रिय चार्जिंग स्टेशन करीब 50 ही हैं। इनमें अधिकांश रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर में हैं। राज्य में करीब 600 ईवी डीलर भी पंजीकृत हैं।