
नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट बैठक ने छत्तीसगढ़ के भविष्य के लिए विकास का एक नया ब्लूप्रिंट तैयार किया है। इस मीटिंग में लिए गए चार प्रमुख निर्णयों ने न केवल औद्योगिक बल्कि शैक्षणिक और सामाजिक ढांचे को भी मजबूत करने की दिशा में ठोस कदम उठाए हैं।
राज्य सरकार ने नवा रायपुर में विश्वस्तरीय शिक्षा की नींव रखते हुए ख्याति प्राप्त संस्थान 'श्री विले पारले कलावनी मंडल' (SVKM) को 40 एकड़ भूमि आवंटित करने की स्वीकृति दी है। यहां विख्यात नरसी मोंजी प्रबंधन अध्ययन संस्थान (NMIMS) की स्थापना होगी। 90 वर्षों की लीज पर दी गई इस भूमि के माध्यम से छत्तीसगढ़ के छात्रों को अब उच्च गुणवत्ता वाली प्रबंधन और डॉक्टोरल शिक्षा के लिए दूसरे राज्यों का रुख नहीं करना पड़ेगा।
तकनीकी क्षेत्र में छत्तीसगढ़ को 'स्टार्टअप हब' बनाने के लिए सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (STPI) के साथ हाथ मिलाया गया है। इसके तहत नवा रायपुर में चार नवीन उद्यमिता केंद्र स्थापित किए जाएंगे, जो विशेष रूप से AI, मेडटेक (हर्बल और वन उत्पाद आधारित), स्मार्ट सिटी और स्मार्ट एग्री पर केंद्रित होंगे।
अगले पांच वर्षों में 133 स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही, एक 'इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन एवं विकास' (ESDD) केंद्र भी बनेगा, जो हर साल 40 से अधिक एमएसएमई और हार्डवेयर स्टार्टअप्स को प्रोटोटाइप विकसित करने में मदद करेगा।
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कैबिनेट ने राज्य के आम नागरिकों की सेहत को प्राथमिकता देते हुए शासकीय स्वास्थ्य संस्थाओं में जांच सुविधाओं के विस्तार का फैसला लिया है। जिला अस्पतालों से लेकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों तक की लैब का प्रभावी संचालन किया जाएगा, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में भी मरीजों को मानक स्तर की पैथोलॉजी सुविधाएं मिल सकें। इसके अतिरिक्त, मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ आबकारी नीति 2026-27 के प्रस्ताव को भी मंजूरी प्रदान की है।