'Petrol-Diesel का स्टॉक भरपूर...', छत्तीसगढ़ सरकार ने कहा- अफवाहों से घबराने की जरूरत नहीं
छत्तीसगढ़ में पेट्रोल और डीजल (Petrol And Diesel) की कमी की खबरों को सरकार ने खारिज किया है। ...और पढ़ें
Publish Date: Sat, 25 Apr 2026 10:55:42 AM (IST)Updated Date: Sat, 25 Apr 2026 12:07:24 PM (IST)
छत्तीसगढ़ में पेट्रोल-डीजल पर्याप्त, विभाग ने अफवाहों से सावधान रहने को कहा (प्रतीकात्मक फोटो)HighLights
- 2516 पंपों पर पर्याप्त ईंधन उपलब्ध
- मार्च में जरूरत से ज्यादा आपूर्ति दर्ज
- कालाबाजारी रोकने छापेमारी तेज की गई
राज्य ब्यूरो,नईदुनिया,रायपुर: प्रदेश में पेट्रोल और डीजल की कमी (Petrol and Diesel Crisis) को लेकर फैल रही खबरों को खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने पूरी तरह निराधार बताया है। विभाग का स्पष्ट कहना है कि राज्य में ईंधन का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है और आपूर्ति सामान्य रूप से जारी है। नागरिकों से अपील की गई है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें।
पर्याप्त स्टॉक और सामान्य आपूर्ति
खाद्य विभाग के अनुसार प्रदेश के 2516 पेट्रोल पंपों और तीनों प्रमुख ऑयल कंपनियों के डिपो में पेट्रोल और डीजल पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। मार्च 2026 में पेट्रोल की 1.01 लाख किलोलीटर जरूरत के मुकाबले 1.27 लाख किलोलीटर यानी 126 प्रतिशत आपूर्ति हुई। वहीं अप्रैल 2026 में 23 अप्रैल तक 1.60 लाख किलोलीटर पेट्रोल प्राप्त हो चुका है।
डीजल की बात करें तो मार्च में 1.64 लाख किलोलीटर की जरूरत के मुकाबले 3.00 लाख किलोलीटर यानी 183 प्रतिशत आपूर्ति की गई। अप्रैल में 23 अप्रैल तक 1.38 लाख किलोलीटर डीजल की आपूर्ति दर्ज की गई है।
सुरक्षित भंडार की स्थिति
विभाग के अनुसार वर्तमान में प्रदेश में 77,111 किलोलीटर पेट्रोल उपलब्ध है, जो करीब 22 दिनों की जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त है। वहीं 84,295 किलोलीटर डीजल का भंडार मौजूद है, जिससे लगभग 15 दिनों की खपत पूरी हो सकती है।
कालाबाजारी पर सख्ती
जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए प्रशासन ने सभी जिलों में निरीक्षण और छापेमारी तेज कर दी है। राज्य और जिला स्तर पर नियंत्रण कक्ष स्थापित किए गए हैं। शिकायत के लिए टोल-फ्री नंबर 1800-233-3663 जारी किया गया है।
विभाग ने यह भी बताया कि पश्चिम एशिया की स्थिति को देखते हुए भारत सरकार के पेट्रोलियम मंत्रालय से लगातार संपर्क बनाए रखा जा रहा है, ताकि आपूर्ति निर्बाध बनी रहे।