
अभिषेक राय, नईदुनिया. रायपुर। प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 (पीएमएवाई-यू 2.0) के स्लम पुनर्वास परियोजनाओं के तहत चयनित हितग्राहियों को अब 1.45 लाख रुपये अंशदान देना होगा। केंद्र सरकार दिशा-निर्देश पर राशि तय की गई। पहले यह राशि 75 हजार रुपये थी, जिसमें बढ़ोतरी की गई है। राज्य शहरी विकास अभिकरण (सूडा) ने रायपुर, बिलासपुर, भिलाई, बीरगांव, धमतरी और रिसाली नगर निगमों को इस संबंध में निर्देश जारी किए हैं।
केंद्र सरकार द्वारा स्वीकृत भागीदारी में किफायती आवास (एएचपी) माडल-एक की स्लम पुनर्वास परियोजनाओं के तहत चयनित हितग्राहियों का पहले सत्यापन किया जाएगा और उन्हें यूनिफाइड वेब पोर्टल (यूडब्ल्यूपी) पर संबंधित परियोजनाओं से जोड़ा जाएगा।
अधिकारियों का कहना है कि केंद्र सरकार ने आवास को पूरा करने में आने वाले कुल खर्च (प्रोजेक्ट कास्ट) में एक लाख की बढ़ोतरी की है। प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी में प्रोजेक्ट कास्ट 4.75 लाख रुपये निर्धारित था, जो अब बढ़कर 5.75 लाख रुपये हो गया है। केंद्र सरकार ने हितग्राहियों का अंशदान प्रोजेक्ट कास्ट का कम से कम 25 प्रतिशत तय करने के निर्देश दिए हैं। इससे पहले यह राशि निर्धारित नहीं थी, इसलिए राज्य सरकार की ओर से स्वेच्छानुसार 75 हजार रुपये निर्धारित की गई थी।
प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी में स्लम पुनर्वास परियोजनाओं के तहत करीब 37 हजार हजार आवास स्वीकृत थे, जिसमें से 30 हजार आवंटित हो चुका है। 23 हजार हितग्राहियों ने रहना भी शुरू कर दिया है। सूडा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुमित अग्रवाल ने निर्देश दिए हैं कि पहली किस्त जमा होने के बाद हितग्राहियों को निर्धारित प्रारूप में आवंटन पत्र जारी किया जाए, ताकि वे अपने आवास निर्माण की प्रगति का अवलोकन कर सकें।
प्रत्येक हितग्राही को पहले 10 हजार रुपये की पहली किश्त जमा करनी होगी। इसके बाद शेष 1.35 लाख रुपये की राशि 36 मासिक किस्तों में 3,750 रुपये प्रतिमाह के हिसाब से नगर निकाय में जमा कराई जाएगी। हितग्राहियों से प्राप्त अंशदान का अलग से लेखा-जोखा भी रखा जाएगा। राज्य सरकार की ओर से छह नगर निगमों में 8,987 आवास योजनाएं मंजूर की गई हैं।
मलिन बस्तियों (झुग्गी-झोपड़ियों) में रहने वाले परिवारों को सुरक्षित, पक्के और स्थायी मकान उपलब्ध कराकर उनके जीवन स्तर को बेहतर बनाना है। इसके तहत जहां झुग्गी, वहीं मकान नीति के अंतर्गत उसी स्थान (इन-सीटू) या पास की जगह पर आधुनिक फ्लैटों का निर्माण किया जाता है।
हितग्राही : 75 हजार- 1.45 लाख रुपये
राज्यांश : 2.50 लाख - 2.80 लाख रुपये
केंद्रांश : 1.50 लाख - 1.50 लाख रुपये