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छत्तीसगढ़ में मूक-बधिर से हैवानियत पर अदालत की सख्ती, दोषी को 10 साल की सजा और 4 लाख रुपये जुर्माना

मूक-बधिर युवती से दुष्कर्म के मामले में राजधानी की विशेष अदालत ने आरोपित विमल कुमार नट (19) को 10 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है।

By Akhil Kumar SharmaEdited By: ADITYA KUMAR
Publish Date: Thu, 10 Sep 2026 06:11:03 PM (IST)Updated Date: Thu, 10 Sep 2026 07:16:39 PM (IST)
छत्तीसगढ़ में मूक-बधिर से हैवानियत पर अदालत की सख्ती, दोषी को 10 साल की सजा और 4 लाख रुपये जुर्माना
छत्तीसगढ़ में मूक-बधिर से हैवानियत पर अदालत की सख्ती

HighLights

  1. मूक-बधिर युवती से दुष्कर्म के दोषी को 10 साल की सश्रम सजा
  2. अदालत ने पीड़िता के लिए ₹4 लाख मुआवजा देने का दिया आदेश
  3. तिल्दा नेवरा थाना क्षेत्र के बैकुंठ पानी टंकी का है मामला

नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर। मूक-बधिर युवती से दुष्कर्म के मामले में राजधानी की विशेष अदालत ने आरोपित विमल कुमार नट (19) को 10 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। तृतीय फास्ट ट्रैक विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो) अनिता ध्रुव की अदालत ने आरोपित पर 500 रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड नहीं देने पर एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। अदालत ने पीड़िता की मानसिक और शारीरिक पीड़ा को देखते हुए चार लाख रुपये मुआवजा देने का भी आदेश दिया है।

तिल्दा नेवरा क्षेत्र की घटना: बाजार गई युवती से दुष्कर्म

मामला तिल्दा नेवरा थाना क्षेत्र का है। अभियोजन के अनुसार 14 अक्टूबर 2025 की शाम पीड़िता बाजार गई थी। देर रात तक घर नहीं लौटने पर स्वजन ने उसकी तलाश शुरू की। खोजबीन के दौरान वह बैकुंठ (टंडवा) पानी टंकी के पास आरोपित के साथ मिली। जांच में सामने आया कि आरोपित ने उसकी शारीरिक अक्षमता का फायदा उठाकर उसके साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाए थे।


मेडिकल रिपोर्ट और साक्ष्यों के आधार पर सजा तय

विशेष लोक अभियोजक विमला तांडी ने अभियोजन की ओर से साक्ष्य और दलीलें पेश कीं। बचाव पक्ष ने आरोपों को झूठा बताया, लेकिन अदालत ने मेडिकल रिपोर्ट और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर विमल कुमार नट को दोषी ठहराते हुए आरोपित को जेल भेज दिया।

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