
राज्य ब्यूरो,नईदुनिया,रायपुर। राज्य में बिजली वितरण के क्षेत्र में निजी कंपनी के प्रवेश को लेकर विवाद बढ़ गया है। टाटा पावर ने रायपुर, अभनपुर और धरसींवा क्षेत्र में बिजली वितरण का लाइसेंस हासिल करने के लिएराज्य विद्युत नियामक आयोग में आवेदन किया है। आवेदन पर एक अक्टूबर को सुबह 11.30 बजे आयोग कार्यालय में जनसुनवाई होगी। वहीं, बिजली वितरण कंपनी से जुड़े इंजीनियरों का संघ टाटा पावर को लाइसेंस देने का विरोध करने की तैयारी में है।
प्रदेश में अभी सीएसपीडीसीएल कंपनी बिजली वितरण की प्रमुख लाइसेंसी है। भिलाई इस्पात संयंत्र और जिंदल पावर को भी वितरण लाइसेंस प्राप्त है। जिंदल पावर रायगढ़ में अपने औद्योगिक क्षेत्र में बिजली की आपूर्ति करती है। इससे पहले जिंदल को लाइसेंस दिए जाने के समय भी बिजली वितरण कंपनी ने आपत्ति दर्ज कराई थी।
टाटा पावर के प्रस्तावित वितरण क्षेत्र में रायपुर, धरसींवा, मंदिरहसौद और अभनपुर तहसील शामिल हैं। ये ऐसे इलाके हैं, जहां राज्य पावर कंपनी को अपेक्षाकृत अधिक राजस्व प्राप्त होता है। ऐसे में निजी कंपनी को लाइसेंस मिलने की स्थिति में वितरण क्षेत्र और राजस्व पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। टाटा पावर के आवेदन पर स्थानीय प्राधिकरणऔर कोई भी व्यक्ति सुझाव या आपत्ति दर्ज करा सकता है। सूचना प्रकाशन की तारीख से 30 दिनों के भीतर छह प्रतियां शपथ-पत्र के साथ आयोग के सचिव को भेजनी होंगी।
राज्य विद्युत अभियंता संघ ने टाटा पावर के बिजली वितरण लाइसेंस आवेदन का विरोध किया है। संघ की बैठक में समानांतर लाइसेंसिंग, क्रास-सब्सिडी, बिजली दर और उपभोक्ता हितों पर चर्चा हुई। अभियंताओं ने आशंका जताई कि निजीकरण से लाभप्रद क्षेत्रों पर जोर बढ़ेगा और ग्रामीण क्षेत्रों की सेवा प्रभावित हो सकती है। संघ के महासचिव मनोज वर्मा ने बताया कि नियामक आयोग में तथ्यात्मक आपत्तियां दर्ज कराने का निर्णय लिया।