
नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर : दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में यात्रियों की सुविधा और स्वच्छता को ध्यान रखते हुए पहल की जा रही है। रेलवे बोर्ड के 52 सप्ताह में 52 सुधार एजेंडे के तहत उन्नत आन-बोर्ड हाउसकीपिंग सेवा नीति ‘बेटर आन-बोर्ड सर्विसेज’ लागू कर दी गई है। इसके तहत अब लंबी दूरी की ट्रेनों के जनरल (अनारक्षित) कोचों में भी एसी और स्लीपर की तर्ज पर नियमित और निरंतर साफ-सफाई की जाएगी।
प्रारंभिक चरण में बिलासपुर व रायपुर मंडलों की तीन प्रमुख और अधिक यात्री भार वाली ट्रेनों का चयन किया गया है। इनमें छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस बिलासपुर-अमृतसर-बिलासपुर, हमसफर एक्सप्रेस दुर्ग-हजरत निजामुद्दीन-दुर्ग, सुपरफास्ट एक्सप्रेस दुर्ग-एमसीटीएम उधमपुर-दुर्ग शामिल किया गया है। नई व्यवस्था से ट्रेन के शुरुआती स्टेशन से गंतव्य तक कोच, प्रवेश द्वार, वेस्टिब्यूल और कूड़ेदानों की लगातार सफाई होगी।
सुबह के व्यस्त समय छह से नौ बजे तक और शाम आठ से रात 10 बजे तक शौचालयों की सफाई प्रति घंटे करनी होगी। जबकि अन्य समय में यह अंतराल दो घंटे का रहेगा। कोच की सफाई और आन-बोर्ड स्वच्छता प्रबंधन अब एक ही पेशेवर एजेंसी के जिम्मे होगा, जो पूरी यात्रा के दौरान सेवाओं के प्रभावी निष्पादन के लिए जवाबदेह होगी।
सफाई व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए कर्मचारियों को मोबाइल एप पर काम से पहले और बाद की तस्वीरें (जियो-टैग और टाइम-स्टैम्प के साथ) अपलोड करनी होंगी। एआइ-आधारित नियंत्रण केंद्र (वार रूम) इन फोटो साक्ष्यों की जांच करेगा। मानकों के अनुसार कार्य न होने पर ठेकेदार के भुगतान पर रोक लगाई जाएगी। ट्रेन में एकत्रित होने वाले कचरे को मजबूत, सीलबंद बैगों में सुरक्षित रखकर निर्धारित स्टेशनों पर ही उतारा जाएगा, जिससे पटरियों और स्टेशनों पर गंदगी न फैले।
पहले चरण में विभिन्न जोनों की 80 ट्रेनों को इस योजना में शामिल किया गया है। छत्तीसगढ़ में इसकी शुरुआत बिलासपुर जोन से हो चुकी है और आगामी छह महीनों के भीतर इस अत्याधुनिक व्यवस्था को चरणबद्ध तरीके से सभी ट्रेनों में लागू कर दिया जाएगा।
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