
नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर : नगर निगम ने निर्माण और तोड़फोड़ से निकलने वाले मलबे के प्रबंधन के लिए नए उपनियमों का प्रारूप तैयार किया है। इसमें पहली बार नहीं, बल्कि बार-बार नियम तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई का प्रस्ताव है।
सड़क या खाली जगह पर वाहन से मलबा फेंकने पर पहली बार में 10 हजार रुपये और तीसरी बार या उसके बाद 50 हजार रुपये जुर्माने के साथ वाहन जब्त करने का प्रविधान प्रस्तावित है। नाली, नाला या जलस्रोत में मलबा डालने पर पहली बार 25 हजार और बार-बार ऐसा करने पर एक लाख रुपये तक जुर्माने का प्रस्ताव है। ये प्रविधान अभी मसौदे में हैं, अंतिम रूप से लागू नियम नहीं हैं।
मसौदे के अनुसार, मलबा बिना लिखित अनुमति सड़क, फुटपाथ, नाली, नाले, जलस्रोत या नगर निगम के पार्क में 24 घंटे से ज्यादा नहीं रखा जा सकेगा। मलबे को घरेलू कचरे में मिलाना भी प्रतिबंधित करने का प्रस्ताव है। हाथठेला या सिर पर ढोकर एक टन से कम मलबा सड़क, प्लाट या नाली पर फेंकने पर पहली बार दो हजार रुपये और बार-बार उल्लंघन पर 10 हजार रुपये तक जुर्माना प्रस्तावित है।
मसौदे में किसी भी भवन को तोड़ने से पहले निगम से अनुमति लेना अनिवार्य करने का प्रस्ताव है। आवेदन में मलबे की अनुमानित मात्रा, तोड़फोड़ का समय, धूल रोकने के उपाय, सुरक्षा व्यवस्था और मलबा ले जाने की जगह की जानकारी देनी होगी। अनुमति मिलने के बाद निर्धारित सुरक्षा राशि और शुल्क जमा करना होगा। निर्माण पूरा होने पर मलबे को अधिकृत केंद्र तक पहुंचाने के चालान, तौल पर्ची या पोर्टल पर दर्ज जानकारी देनी होगी। इसके बिना पूर्णता या अधिभोग प्रमाणपत्र जारी नहीं करने का प्रविधान रखा गया है।
20 हजार वर्गमीटर या इससे अधिक निर्मित क्षेत्र वाले निर्माण या तोड़फोड़ प्रोजेक्टों के लिए मलबा प्रबंधन योजना देना जरूरी होगा। इसमें मलबे की मात्रा, अलग-अलग सामग्री का वर्गीकरण, भंडारण, परिवहन और पुनर्चक्रण की जानकारी देनी होगी। मलबा ढोने वाले अधिकृत वाहनों को ढका होना होगा। बड़े प्रोजेक्टों के वाहनों में जीपीएस की शर्त भी प्रस्तावित है। निगम अपने सड़क, नाली और अन्य निर्माण कार्यों में पुनर्चक्रित मलबे से बनी सामग्री के उपयोग को भी बढ़ावा देगा।
मसौदे में एक साल के भीतर निगम के सभी दस जोन में कम से कम एक मलबा संग्रह केंद्र अधिसूचित करने का लक्ष्य रखा है। पुराने अवैध मलबा डंपिंग स्थलों की सूची बनाकर उनके निपटान की योजना भी तैयार की जाएगी। नागरिक मलबा फेंकने या संग्रह केंद्र से जुड़ी शिकायत निगम के हेल्पलाइन नंबर 1100, वार्ड कार्यालय या संबंधित मोबाइल एप से कर सकेंगे। शिकायत का निपटारा 15 कार्यदिवस में करने का प्रस्ताव है।
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निर्माण और तोड़फोड़ से निकलने वाले मलबे का विज्ञानी तरीके से निपटान जरूरी है। इसके लिए नगर निगम उपनियमों का मसौदा तैयार कर रहा है। इसे एमएआइसी में प्रस्ताव के रूप में रखा जाएगा। वहां चर्चा और अनुमोदन के बाद आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इसके तहत मलबे के संग्रहण, परिवहन, निपटान और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई की व्यवस्था तय की जाएगी। संबित मिश्रा, कमिशनर, रायपुर नगर निगम
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