'चावल नहीं आया... नकद पैसा लेना हो तो ले जाओ', रायपुर में राशन की दुकानों का नया खेल; गरीबों के हक पर डाल रहे डाका
Raipur Ration Scam: रायपुर में सरकारी राशन दुकानों पर चावल के बदले नकद देने का मामला सामने आया है। ...और पढ़ें
Publish Date: Sat, 25 Apr 2026 07:48:11 AM (IST)Updated Date: Sat, 25 Apr 2026 07:48:11 AM (IST)
रायपुर में राशन दुकानों पर नया खेल, चावल के बदले नकद देने का दबाव (AI Generated Image)HighLights
- संचालक पर खुलेआम नियम तोड़ने के आरोप
- खाद्य विभाग की निगरानी पर उठे सवाल
- चावल की जगह नकद देने का दबाव
नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर: राजधानी रायपुर में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत संचालित राशन (Ration Scam) दुकानों में गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। आरोप है कि कुछ दुकानों पर हितग्राहियों को चावल देने के बजाय नकद लेने के लिए मजबूर किया जा रहा है। यह मामला न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि गरीबों के अधिकारों पर सीधा प्रहार माना जा रहा है।
दो दुकानों में एक जैसा मामला
शिकायत के अनुसार, कामरेड सुधीर मुखर्जी वार्ड स्थित दुकान (आईडी 441001281) और लालपुर, एमएमआई अस्पताल के पास स्थित दुकान (ID 441001283) में यह गड़बड़ी सामने आई है। दोनों दुकानों का संचालन हेमदुर्गा साहू के नाम पर बताया जा रहा है। हितग्राहियों का आरोप है कि दोनों स्थानों पर समान तरीके से चावल के बदले नकद दिया जा रहा है।
चावल नहीं, पैसा लो या जाओ
कार्डधारकों के मुताबिक, दुकान संचालक खुलेआम कहता है कि “चावल नहीं मिलेगा, पैसा लेना हो तो ले लो, नहीं तो कहीं और से ले लो।” इससे स्पष्ट होता है कि नियमों की खुलेआम अनदेखी की जा रही है और जरूरतमंदों को उनके हक से वंचित किया जा रहा है।
सिंडिकेट बनाकर तय हो रहा ‘रेट’
स्थानीय लोगों का आरोप है कि कुछ राशन दुकानों के संचालकों ने आपसी तालमेल से चावल का एक तय ‘रेट’ निर्धारित कर लिया है। बाजार में 30-35 रुपये प्रति किलो बिकने वाला चावल गरीबों से लगभग 20 रुपये प्रति किलो के हिसाब से नकद देकर वापस लिया जा रहा है। कई जगहों पर तीन माह के राशन में से केवल दो माह का चावल दिया जा रहा है और तीसरे माह का पैसा थमा दिया जाता है।
विरोध करने पर दबाव
हितग्राहियों का कहना है कि जब वे पूरा राशन मांगते हैं तो उन्हें परेशान किया जाता है या मना कर दिया जाता है। इस कारण लोगों में भारी नाराजगी है और वे खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।
प्रशासन से जांच की मांग
नागरिकों ने जिला प्रशासन और खाद्य विभाग से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो गरीबों को मिलने वाला सस्ता अनाज पूरी तरह खत्म हो सकता है।
राशन दुकानों में अनाज के बदले नकद देने की शिकायतें गंभीर हैं और इसकी जांच कराई जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी स्थिति में राशन कार्ड धारकों को निर्धारित मात्रा में चावल देना अनिवार्य है, इसमें लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। उनके अनुसार जांच में दोषी पाए जाने वाले संचालकों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
-भूपेंद्र मिश्रा, कंट्रोलर, रायपुर