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रायपुर में मिल्क मलाई पनीर का सैंपल टेस्ट में फिर हुआ फेल, पिछली बार मिला था हेयर हाई वाला केमिकल

Paneer in Raipur: खाद्य पदार्थ में हेयर हाई वाले केमिकल की मौजूदगी की पुष्टि होने पर यह गुणवत्ता से आगे बढ़कर खाद्य सुरक्षा का गंभीर मामला बन गया था। ...और पढ़ें

By Jitendra DahiyaEdited By: Prashant Pandey
Publish Date: Wed, 21 Oct 2026 08:51:24 AM (IST)Updated Date: Wed, 21 Oct 2026 08:59:41 AM (IST)
रायपुर में मिल्क मलाई पनीर का सैंपल टेस्ट में फिर हुआ फेल, पिछली बार मिला था हेयर हाई वाला केमिकल
मिल्क मलाई पनीर के पैकेट की तस्वीर।

HighLights

  1. कन्हेरा की मिल्की मलाई फैक्ट्री के पनीर पर दोबारा सवाल
  2. इस बार पनीर में नमी की मात्रा 66.29 प्रतिशत दर्ज की गई
  3. शुष्क पदार्थ के आधार पर दूध की वसा 47.86 प्रतिशत मिली

नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर। पनीर में हेयर डाई में इस्तेमाल होने वाले रसायन मिलने की पिछली जांच के बाद भी मिल्की मलाई ब्रांड का पनीर फिर गुणवत्ता जांच में अमानक मिला है। कन्हेरा में संचालित फैक्ट्री में तैयार पनीर के ताजा नमूने की प्रयोगशाला जांच में दूध की वसा निर्धारित मानक से कम और नमी तय सीमा से ज्यादा पाई गई है।

लगातार सामने आ रही गुणवत्ता संबंधी गड़बड़ियों ने खाद्य सुरक्षा जांच और संबंधित उत्पाद पर विभागीय कार्रवाई को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। खाद्य विभाग की ताजा जांच रिपोर्ट के मुताबिक, पनीर में शुष्क पदार्थ के आधार पर दूध की वसा 47.86 प्रतिशत मिली, जबकि मानक के अनुसार यह कम से कम 50 प्रतिशत होनी चाहिए।


नमी की मात्रा 66.29 प्रतिशत दर्ज की गई, जबकि अधिकतम सीमा 60 प्रतिशत है। इन दोनों कमियों के आधार पर प्रयोगशाला ने नमूने को अमानक घोषित किया है।

पिछली जांच में सामने आया था गंभीर मामला

मिल्की मलाई ब्रांड के एनालाग पनीर की पिछली जांच में हेयर डाई में इस्तेमाल होने वाले रसायन मिलने की बात सामने आई थी। खाद्य पदार्थ में ऐसे रसायन की मौजूदगी की पुष्टि होने पर यह गुणवत्ता से आगे बढ़कर खाद्य सुरक्षा का गंभीर मामला बनता है। हालांकि, मौजूदा नमूने की रिपोर्ट में ऐसे रसायन मिलने का उल्लेख नहीं है। इसलिए पिछली जांच के निष्कर्ष को उसी रिपोर्ट के आधार पर देखा जाना चाहिए।

ताजा रिपोर्ट में मिला

  • दूध की वसा 47.86 प्रतिशत, जबकि न्यूनतम मानक 50 प्रतिशत।
  • नमी 66.29 प्रतिशत, जबकि अधिकतम सीमा 60 प्रतिशत।
  • बीआर रीडिंग 43.9 और आयोडीन मान 37.02, दोनों निर्धारित सीमा के भीतर।

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अभी भी संचालित हो रही है फैक्ट्री

फैक्ट्री का संचालन मुरैना निवासी हिमांशु बंसल द्वारा किया जा रहा है। पिछली जांच में रसायन मिलने के मामले और ताजा नमूना अमानक मिलने के बाद विभाग निर्माता के खिलाफ सख्त कदम नहीं उठा रहा। जबकि प्रदेश में एनालाग पनीर के निर्माण पर रोक लगी है। अभी भी कन्हेरा फैक्ट्री में पनीर का निर्माण किया जा रहा है। जिसकी सप्लाई प्रदेश व ओडिशा तक किया जा रहा है।

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