
नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर। राजधानी रायपुर के मोवा स्थित अशोका आइकन कॉलोनी में रहने वाले कोयला कारोबारी पंकज अग्रवाल के घर हुई करीब 70 लाख रुपये की सनसनीखेज चोरी का पुलिस ने महज 12 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया।
इस वारदात का मास्टरमाइंड कारोबारी के घर में महज 12 दिन पहले काम पर रखा गया घरेलू रसोइया निकला। उसने अपने साथी के साथ मिलकर परिवार की गतिविधियों पर नजर रखी और घर खाली मिलते ही नकदी, सोने-चांदी के जेवर, गिन्नियां, सिक्के, महत्वपूर्ण दस्तावेज और अन्य कीमती सामान समेटकर फरार हो गया।
रायपुर पुलिस की एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और पंडरी थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों का पीछा करते हुए रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के सहयोग से नागपुर रेलवे स्टेशन से दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के कब्जे से 51.50 लाख रुपये नकद, सोने-चांदी के जेवर, गिन्नियां, सिक्के, पेन ड्राइव, दस्तावेज और अन्य सामान सहित करीब 70 लाख रुपये का पूरा मशरूका बरामद कर लिया गया है।

पुलिस के अनुसार मोवा के अशोका आइकन निवासी कोयला कारोबारी पंकज अग्रवाल 26 जुलाई को अपने परिवार के साथ निजी काम से नया रायपुर गए थे। घर पर केवल उनका घरेलू रसोइया महेंद्र कुमार यादव मौजूद था, जिसे 14 जुलाई को काम पर रखा गया था। शाम करीब सात बजे परिवार लौटा तो मुख्य दरवाजा बंद और घर की लाइट बंद मिली। पीछे का दरवाजा खुला था। अंदर जाकर देखा तो बेडरूम और अलमारियां खुली थीं तथा लाखों रुपये की नकदी, जेवर और महत्वपूर्ण दस्तावेज गायब थे।
प्रार्थी की शिकायत पर पंडरी थाना में अपराध क्रमांक 212/26 के तहत धारा 303(2) बीएनएस में मामला दर्ज किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस उपायुक्त (क्राइम एवं साइबर) स्मृतिक राजनाला और पुलिस उपायुक्त (उत्तर) दीपमाला कश्यप के निर्देशन में विशेष टीम गठित की गई।

जांच के दौरान पुलिस ने कॉलोनी और आसपास के दर्जनों सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज में महेंद्र यादव एक बैग लेकर घर से निकलता दिखाई दिया। उसके साथ एक अन्य युवक भी था। इसके बाद पुलिस ने दोनों की गतिविधियों का क्रमवार विश्लेषण किया। जांच में सामने आया कि दोनों अलग-अलग रास्तों से रायपुर रेलवे स्टेशन पहुंचे और समता एक्सप्रेस से नागपुर की ओर रवाना हो गए।
तुरंत आरपीएफ नागपुर से संपर्क कर आरोपियों की फोटो और हुलिया साझा किया गया। इसके बाद नागपुर रेलवे स्टेशन पर घेराबंदी कर दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया।
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पूछताछ में महेंद्र यादव ने स्वीकार किया कि उसने अपने साथी पिंटू यादव उर्फ अभिषेक यादव के साथ मिलकर पहले से चोरी की योजना बनाई थी। परिवार के घर से बाहर जाने की जानकारी मिलते ही दोनों ने अलमारी में रखी नकदी और जेवर समेट लिए। इसके बाद पिंटू यादव की मोटरसाइकिल से घटनास्थल से निकलकर घड़ी चौक पहुंचे, बाइक पार्क की और किराये के वाहन से रेलवे स्टेशन पहुंचकर समता एक्सप्रेस से नागपुर भाग निकले।
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गिरफ्तार आरोपी महेंद्र यादव (22) बिहार के बांका जिले का रहने वाला है और घटना के समय कोयला कारोबारी के घर में रसोइए का काम कर रहा था। दूसरा आरोपी पिंटू यादव उर्फ अभिषेक यादव (25) भी बांका जिले का निवासी है और रायपुर के आमासिवनी क्षेत्र में किराये के मकान में रह रहा था।
पुलिस ने दोनों आरोपियों से चोरी की पूरी रकम और सामान बरामद कर लिया है। साथ ही घटना में प्रयुक्त दो मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं। पुलिस अब आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड और इस तरह की अन्य वारदातों में उनकी संलिप्तता की भी जांच कर रही है।