
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया.रायपुर। केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास आठवले ने विश्व हिंदू परिषद (विहिप) द्वारा नवरात्र के दौरान गरबा कार्यक्रमों में मुसलमानों के शामिल होने पर लगाई जाने वाली रोक के आह्वान का विरोध किया। उन्होंने कहा कि इस तरह का रुख और फैसला पूरी तरह से गलत है क्योंकि भारत का संविधान हर नागरिक को समान अधिकार देता है। वे रायपुर के स्वामी विवेकानंद हवाई अड्डे पर पत्रकारों से चर्चा कर रहे थे।
विहिप नेताओं ने बयान दिया था कि जो लोग मूर्ति पूजा नहीं करते उन्हें धार्मिक आयोजनों से दूर रहना चाहिए। इस पर आठवले ने कहा कि देश बाबासाहेब आंबेडकर के रचित संविधान से चलता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत में विभिन्न धर्मों के लोग मिलजुलकर रहते हैं और हर व्यक्ति को एक-दूसरे के त्योहारों में शामिल होने का पूरा अधिकार है।
उन्होंने अजमेर शरीफ दरगाह का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां भी बड़ी संख्या में हिंदू श्रद्धालु जाते हैं, इसलिए इस तरह की पाबंदियां संविधान की मूल भावना के खिलाफ हैं।
आरक्षण के मुद्दे पर बात करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह नीति कमजोर वर्गों को आगे बढ़ाने के लिए बनाई गई थी। जब तक समाज से जातिवाद पूरी तरह समाप्त नहीं हो जाता, तब तक आरक्षण का जारी रहना बेहद जरूरी है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जिस दिन देश से जातिगत भेदभाव खत्म हो जाएगा, वे खुद आरक्षण छोड़ने के लिए तैयार हैं।
पत्रकारवार्ता के दौरान आठवले ने केंद्र सरकार के विकास कार्यों और कल्याणकारी योजनाओं की भी सराहना की। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में पांच नए मेडिकल कॉलेजों को मंजूरी मिलने के साथ ही कोरबा में इंडियन ऑयल बॉटलिंग प्लांट का प्रस्ताव रखा गया है।
इसके अलावा आयुष्मान भारत, नल-जल योजना, जन धन खाते और पीएम-किसान योजना के जरिए छत्तीसगढ़ के करोड़ों लोगों को सीधा लाभ मिल रहा है। विपक्ष पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि आज का विपक्ष केवल आलोचना करने तक सीमित रह गया है जबकि मोदी सरकार देश के विकास और गरीब कल्याण के लिए लगातार कार्य कर रही है।।