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छत्तीसगढ़ में जल की जांच रिपोर्ट अब पोर्टल पर अपलोड करना होगा अनिवार्य, आंबेडकर अस्पताल में रोज पहुंच रहे 70 मरीज

छत्तीसगढ़ के सभी नगरीय निकायों को अब पेयजल गुणवत्ता परीक्षण की रिपोर्ट विभागीय पोर्टल पर अनिवार्य रूप से अपलोड करनी होगी।

By Digital DeskEdited By: manoj dubey
Publish Date: Thu, 30 Jul 2026 12:25:42 PM (IST)Updated Date: Thu, 30 Jul 2026 12:27:01 PM (IST)
छत्तीसगढ़ में जल की जांच रिपोर्ट अब पोर्टल पर अपलोड करना होगा अनिवार्य, आंबेडकर अस्पताल में रोज पहुंच रहे 70 मरीज

HighLights

  1. जांच और निगरानी के लिए नोडल अधिकारी होंगे नियुक्त
  2. सभी क्षेत्रीय संयुक्त संचालकों को निर्देश जारी
  3. सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना प्राथमिक जिम्मेदारी

राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, रायपुर। छत्तीसगढ़ के सभी नगरीय निकायों को अब पेयजल गुणवत्ता परीक्षण की रिपोर्ट विभागीय पोर्टल पर अनिवार्य रूप से अपलोड करनी होगी। विभाग ने 15 दिनों में पेयजल परीक्षण की रिपोर्ट गूगल शीट के माध्यम से भेजने की व्यवस्था को समाप्त कर दिया है।

निकायों द्वारा पोर्टल पर दर्ज की गई जानकारी की नियमित जांच और निगरानी के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किए जाएंगे।

सभी क्षेत्रीय संयुक्त संचालकों को निर्देश जारी

नोडल अधिकारियों की नियुक्ति के संबंध में विभाग ने सभी क्षेत्रीय संयुक्त संचालकों को निर्देश जारी किए हैं। यदि कोई निकाय समय पर जल परीक्षण रिपोर्ट अपलोड नहीं करता है, तो उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने इस संबंध में आदेश जारी किया है।


सभी नगर निगम आयुक्तों, संयुक्त संचालकों और नगर पालिका परिषद एवं नगर पंचायतों के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को इसका पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। सभी नगरीय निकायों को विभागीय पोर्टल पर लागिन कर वाटर टेस्टिंग मेन्यू में नियमित रूप से जल परीक्षण की जानकारी दर्ज करनी होगी।

सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना प्राथमिक जिम्मेदारी

अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना नगरीय निकायों की प्राथमिक जिम्मेदारी है। बारिश के मौसम में दूषित पानी और जलभराव के कारण टाइफाइड, हैजा (कोलरा), डायरिया, पीलिया (जान्डिस) जैसी जलजनित बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।

इस मौसम में बैक्टीरिया और वायरस तेजी से फैलते हैं, जिससे पेट और लिवर से जुड़ी समस्याएं होती हैं। चिकित्सकों का कहना है कि बारिश के दौरान पेयजल लाइनों में रिसाव होने पर दूषित पानी के मिलने की आशंका रहती है।

बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है

ये पानी पीने से बैक्टीरिया और वायरस शरीर में पहुंचकर आंतों को संक्रमित कर देते हैं, जिससे दस्त, उल्टी, पेट दर्द, फूड प्वाइजनिंग और टाइफाइड जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। छोटे बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों में संक्रमण का खतरा अधिक रहता है। वर्तमान में प्रदेश के सबसे बड़े आंबेडकर अस्पताल, जिला अस्पताल और निजी अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है।

आंबेडकर अस्पताल के मेडिसीन विभाग के ओपीडी में 450 मरीज पहुंच रहे हैं, जिसमें से 80 मरीज जलजनित बीमारियों के पीड़ित हैं। बरसात के मौसम में जलजनित बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। लोग केवल उबालकर या शुद्ध किया हुआ पानी ही पिएं। घर और आसपास स्वच्छता रखें। खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थों से बचें।

-डॉ. योगेंद्र मल्होत्रा, मेडिसिन विभाग, आंबेडकर अस्पताल, रायपुर