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World Snake Day:छत्तीसगढ़ में बढ़ रही विषधरों की विविधता, बैलाडीला की पहाड़ियों में दिख रहे दुर्लभ सांप

विश्व सर्प दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ के जंगलों में सांपों की दुर्लभ प्रजातियों के नए रिकॉर्ड सामने आए हैं। नोवा नेचर वेलफेयर सोसायटी के शोध ने राज्य क...और पढ़ें

By Vakesh SahuEdited By: Paritosh Dubey
Publish Date: Thu, 16 Jul 2026 11:30:13 AM (IST)Updated Date: Thu, 16 Jul 2026 11:33:22 AM (IST)
World Snake Day:छत्तीसगढ़ में बढ़ रही  विषधरों की विविधता,  बैलाडीला की पहाड़ियों में दिख रहे दुर्लभ सांप
दंतेवाड़ा में मिला लौडांकिया वाइन स्नेक। नोवा नेचर वेलफेयर

HighLights

  1. छत्तीसगढ़ के जंगलों में दुर्लभ सांपों की खोज
  2. जैव विविधिता के लिए जरूरी होते हैं सर्प
  3. सांपों के प्रति जागरूक रहें और सुरक्षित रहें

वाकेश साहू, नईदुनिया.रायपुर। विश्व सर्प दिवस के उपलक्ष्य में छत्तीसगढ़ से आई खबरें न केवल सरीसृप प्रेमियों बल्कि वैज्ञानिकों के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। राज्य के विभिन्न वन क्षेत्रों में सांपों की दुर्लभ प्रजातियों के नए रिकॉर्ड दर्ज किए गए हैं, जो प्रदेश की समृद्ध जैव विविधता को दर्शाते हैं।

नोवा नेचर वेलफेयर सोसायटी ने वर्ष 2019 में 42 प्रजातियों के साथ जो दस्तावेजीकरण शुरू किया था, वह अब और अधिक विस्तृत हो गया है। हालिया वर्षों में कई महत्वपूर्ण खोजें हुई हैं।

बस्तर और बैलाडिला में विषधरों की खोज

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बस्तर में मिला स्टाउट सैंड स्नेक। - नोवा नेचर वेलफेयर

स्टाउट सैंड स्नेक: बस्तर से इसका पहला दुर्लभ रिकॉर्ड मिला है, जो झाड़ीदार शुष्क क्षेत्रों में पाया जाता है।

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दंतेवाड़ा की बैलाडीला पहाड़ी में मिला माक वाइपर। - नोवा नेचर वेलफेयर

माक वाइपर: वर्ष 2023 में दंतेवाड़ा की बैलाडीला पहाड़ियों में मिला, जो रसेल वाइपर की नकल करने की अपनी रणनीति के लिए प्रसिद्ध है।

लौडांकिया वाइन स्नेक: दंतेवाड़ा में मिला यह वृक्षवासी सांप सूखे डंठल जैसा दिखाई देता है।

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इंद्रावती टाइगर रिजर्व में पाया गया येलो ग्रीन कैद स्नैक। - नोवा नेचर वेलफेयर

येलो-ग्रीन कैट स्नेक: वर्ष 2025 में इंद्रावती टाइगर रिजर्व में वर्षों बाद इसका पुनः-दर्शन हुआ है।

कोरबा में सर्पदंश के सर्वाधिक मामले

सांपों की वैज्ञानिक समझ के साथ ही, विभाग ने सर्पदंश की घटनाओं के प्रति भी सतर्कता बरती है। आंकड़ों पर नजर डालें तो वर्ष 2023 में 8,644, वर्ष 2024 में 8,645 और वर्ष 2025 में 9,603 सर्पदंश की घटनाएं दर्ज की गईं। वहीं, वर्ष 2026 में जनवरी से मई तक 1,858 मामले सामने आए हैं। जिलों की बात करें तो कोरबा में 2,231, बलरामपुर में 2,186 और महासमुंद में 1,985 घटनाएं दर्ज की गई हैं, जो सर्वाधिक प्रभावित क्षेत्रों में शामिल हैं।


पारिस्थकीय तंत्र के महत्वपूर्ण हिस्से हैं सर्प

नोवा नेचर वेलफेयर सोसायटी के सचिव मोइज अहमद का कहना है कि सांपों से डरने की आवश्यकता नहीं है। निरंतर हो रहे सर्वेक्षण और दस्तावेजीकरण यह बताते हैं कि सांप पारिस्थितिकी तंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। विश्व सर्प दिवस पर संदेश स्पष्ट है—सांपों से सुरक्षित दूरी बनाए रखें और किसी भी संकट की स्थिति में केवल प्रशिक्षित रेस्क्यू दल या वन विभाग से ही संपर्क करें। वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाकर हम मानव और वन्यजीवों के बीच सुरक्षित सह-अस्तित्व सुनिश्चित कर सकते हैं।