चार साल बाद इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय में ग्रेजुएशन कोर्स का 20 फीसद सिलेबस होगा अपग्रेड
देवी अहिल्या विश्वविद्यालय (डीएवीवी) के दो दर्जन से अधिक पाठ्यक्रमों में यह बदलाव किया जाएगा। इनमें बीए (पत्रकारिता), राजनीति शास्त्र, इतिहास, बीएससी, ...और पढ़ें
Publish Date: Sat, 28 Feb 2026 01:13:38 PM (IST)Updated Date: Sat, 28 Feb 2026 01:18:57 PM (IST)
इंदौर का देवी अहिल्या विश्वविद्यालय। फाइल फोटोHighLights
- एनईपी के तहत इंडस्ट्री-ओरिएंटेड विषय शामिल
- पढ़ाई और मूल्यांकन दोनों में बदलाव की तैयारी
- नया सिलेबस अप्रैल-मई तक तैयार किया जाएगा
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। देवी अहिल्या विश्वविद्यालय (डीएवीवी) ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के तहत अपने पाठ्यक्रमों में व्यापक बदलाव करने का निर्णय लिया है। सत्र 2026-27 से स्नातक स्तर पर नया सिलेबस लागू किया जाएगा, जिसमें पढ़ाई को अधिक व्यावहारिक, रोजगारोन्मुख और उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप बनाया जाएगा।
कुलगुरु डॉ. राकेश सिंघई ने सभी विभागों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने विषयों के 15 से 20 प्रतिशत सिलेबस में बदलाव करें। इसके लिए विभागों को दो महीने का समय दिया गया है। विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार नया सिलेबस अप्रैल-मई तक तैयार कर बोर्ड ऑफ स्टडीज के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। मंजूरी मिलने के बाद इसे अध्ययनशालाओं में लागू किया जाएगा।
विश्वविद्यालय के दो दर्जन से अधिक पाठ्यक्रमों में यह बदलाव किया जाएगा। इनमें बीए (पत्रकारिता), राजनीति शास्त्र, इतिहास, बीएससी, बीवोक सहित कई इंटीग्रेटेड कोर्स शामिल हैं। खास बात यह है कि नए सिलेबस में ऐसे विषय जोड़े जाएंगे, जो सीधे तौर पर इंडस्ट्री से जुड़े हों। इससे विद्यार्थियों को पढ़ाई के दौरान ही व्यावहारिक अनुभव मिलेगा और उनके प्लेसमेंट के अवसर भी बढ़ेंगे।
परीक्षा प्रणाली में भी होगा बदलाव
सिर्फ सिलेबस ही नहीं, बल्कि परीक्षा प्रणाली में भी बदलाव की तैयारी की जा रही है। नई परीक्षा स्कीम के तहत मूल्यांकन पद्धति में संशोधन होगा, जिसमें विद्यार्थियों की रटने की क्षमता के बजाय उनकी समझ, कौशल और प्रायोगिक ज्ञान को प्राथमिकता दी जाएगी।
कुलगुरु डॉ. सिंघई ने कहा कि चार साल के अंतराल पर पाठ्यक्रम का अपग्रेड जरूरी है। इससे न केवल विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा, बल्कि शिक्षकों को भी समय-समय पर खुद को अपडेट करना होगा, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता बेहतर होगी।