
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। एमबीए पाठ्यक्रम की रिक्त सीटों को भरने के लिए डायरेक्टोरेट आफ टेक्नीकल एजुकेशन (डीटीई) ने 14 सितंबर तक प्रवेश प्रक्रिया रखी है। ऐसे में उन विद्यार्थियों के सामने दिक्कतें खड़ी हो गई हैं, जिनका स्नातक तृतीय वर्ष की पूरक परीक्षा का परिणाम नहीं आया है। अब देवी अहिल्या विश्वविद्यालय ने इन छात्र-छात्राओं को अगले 48 घंटों में परिणाम घोषित करने का आश्वासन दिया है। इसके लिए विभागों को प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए हैं।
मंगलवार को विश्वविद्यालय की छात्र सुनवाई में विद्यार्थियों ने स्नातक तीसरे वर्ष की पूरक परीक्षा का परिणाम जल्द घोषित करने की गुहार लगाई। उनका कहना है कि सीएलसी राउंड में विद्यार्थियों ने एमबीए में प्रवेश लिया है, लेकिन स्नातक तृतीय वर्ष की पूरक परीक्षा का रिजल्ट अभी नहीं आया है। अंकसूची जमा नहीं करने पर प्रवेश निरस्त हो सकता है।
28 छात्र-छात्राओं ने बीबीए, बीकाम, बीएससी तृतीय वर्ष की पूरक परीक्षा का रिजल्ट मांगा है। विश्वविद्यालय प्रशासन के मुताबिक समस्या को देखते हुए प्रोविजनल मार्कशीट जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। परीक्षा नियंत्रक डा. अशेष तिवारी ने कहा कि स्नातक तृतीय वर्ष की पूरक परीक्षा कुछ सप्ताह पहले ही संपन्न हुई है।
इन दिनों उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन किया जा रहा है। कुछ दिनों में परिणाम जारी करने की तैयारी है, मगर विद्यार्थियों के भविष्य को देखते हुए इन्हें 48 घंटों में प्रोविजनल मार्कशीट दी जाएगी। विद्यार्थियों के प्रवेश में परिणाम की देरी बाधा न बने, इसके लिए उन्हें प्रोविजनल अंकसूची उपलब्ध करवा रहे हैं।
नेशनल काउंसिल फार टीचर्स एजुकेशन (एनसीटीई) से मान्यता प्राप्त पाठ्यक्रम को लेकर उच्च शिक्षा विभाग ने सालभर की गतिविधियां तय कर दी हैं। इसमें कक्षाएं लगाने से लेकर सीसीई कार्य, प्रायोगिक परीक्षाएं व मुख्य परीक्षा की तारीख शामिल हैं। विभाग ने शैक्षणिक कैलेंडर जारी कर दिया है। यहां तक कि राज्य स्तरीय विश्वविद्यालय को गंभीरता से लागू करने पर जोर दिया है।
बीएड-एमएड, बीपीएड-एमपीएड सहित अन्य पाठ्यक्रम की पहले और तीसरे सेमेस्टर की परीक्षाएं 17 नवंबर से 12 दिसंबर के बीच रखी हैं। इसे लेकर देवी अहिल्या विश्वविद्यालय ने कालेजों को निर्देश दिए हैं और कैलेंडर के आधार पर सिलेबस पूरा करने को कहा है।
बीएड-एमएड के पहले-तीसरे सेमेस्टर की कक्षाएं एक जुलाई से लगाई जा रही हैं। 100 दिनों के भीतर शैक्षणिक कार्य संपन्न करना है। सिलेबस का प्रत्येक टापिक पढ़ाना है। सीसीई कार्य के लिए सितंबर के तीसरे सप्ताह तक पूरा करवाना है। जबकि प्रायोगिक परीक्षाएं चार से 11 नवंबर के बीच करवानी होंगी। इसके पहले विश्वविद्यालय को पैनल बनाना है।
इसके लिए कॉलेजों से शिक्षकों के नाम मंगवाए हैं। इसके तुरंत बाद परीक्षा की तैयारी के लिए छात्र-छात्राओं को चार दिनों की छुट्टी दी जाएगी। 17 नवंबर से 12 दिसंबर के बीच परीक्षा करवाई जाएगी। फिर 15 दिनों का सेमेस्टर ब्रेक रखा है, जो 14 से 27 दिसंबर तक है।
विश्वविद्यालय को 26 दिसंबर तक पहले-तीसरे सेमेस्टर का रिजल्ट देना है। उधर दूसरे-चौथे सेमेस्टर की कक्षाएं 28 दिसंबर से शुरू होनी हैं। अधिकारियों के मुताबिक कैलेंडर के हिसाब से कालेजों को पढ़ाई संपन्न करवाना है फिर विश्वविद्यालयों को परीक्षाएं करवानी होंगी।
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