अब मार्कशीट की देरी से नहीं रुकेगा एडमिशन: राजा मानसिंह तोमर संगीत एवं कला विश्वविद्यालय की बड़ी राहत, सादे कागज पर शपथ पत्र देकर मिलेगा प्रवेश
परिणाम घोषित होने और मूल अंकसूची मिलने में देरी होने के कारण अनेक छात्र प्रवेश प्रक्रिया में शामिल नहीं हो पाते थे। कई मामलों में विद्यार्थियों को प्र ...और पढ़ें
Publish Date: Sat, 13 Jun 2026 09:43:25 AM (IST)Updated Date: Sat, 13 Jun 2026 09:44:02 AM (IST)
सोशल मीडियाHighLights
- मप्र के 170 संबद्ध कॉलेजों के हजारों छात्रों को मिलेगा इस लचीली व्यवस्था का फायदा
- महंगे कानूनी दस्तावेज की जरूरत नहीं; स्वप्रमाणित नोट जमा करते ही पक्का हो जाएगा एडमिशन
- नियमों में बदलाव पर बोले कुलसचिव—प्रशासनिक देरी के कारण छात्रों के सपनों का नुकसान मंजूर नहीं
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। स्नातक-स्नातकोत्तर में प्रवेश के लिए अंतिम वर्ष की मार्कशीट का इंतजार कर रहे विद्यार्थियों के लिए राहत भरी खबर है। अब केवल अंकसूची उपलब्ध नहीं होने के कारण छात्रों का प्रवेश नहीं रुकेगा। राजा मानसिंह तोमर संगीत एवं कला विश्वविद्यालय ने प्रवेश प्रक्रिया में बड़ा बदलाव करते हुए विद्यार्थियों को स्वप्रमाणित शपथ पत्र के आधार पर प्रवेश देने का निर्णय लिया है। इस व्यवस्था का लाभ विश्वविद्यालय के साथ-साथ उससे संबद्ध प्रदेशभर के करीब 170 महाविद्यालयों के विद्यार्थियों को भी मिलेगा।
अंतिम तिथि निकल जाने का भी बना रहता था डर
अक्सर देखा जाता है कि प्रवेश प्रक्रिया शुरू होने तक कई विद्यार्थियों की अंतिम वर्ष की मार्कशीट जारी नहीं हो पाती। स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेने वाले छात्रों को 12वीं की अंकसूची और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेने वालों को स्नातक अंतिम वर्ष की मार्कशीट की आवश्यकता होती है। परिणाम घोषित होने और मूल अंकसूची मिलने में देरी होने के कारण अनेक छात्र प्रवेश प्रक्रिया में शामिल नहीं हो पाते थे। कई मामलों में विद्यार्थियों को प्रवेश की अंतिम तिथि निकल जाने का भी डर बना रहता था।
इसी समस्या को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्र हित में महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। अब यदि किसी विद्यार्थी के पास अंतिम परीक्षा की मार्कशीट उपलब्ध नहीं है तो वह स्वप्रमाणित शपथ पत्र प्रस्तुत कर प्रवेश ले सकेगा। शपथ पत्र में विद्यार्थी को यह उल्लेख करना होगा कि उसने संबंधित परीक्षा उत्तीर्ण कर ली है और निर्धारित समयावधि में मूल अंकसूची उपलब्ध होते ही संस्थान में जमा कर देगा।
उद्देश्य योग्य विद्यार्थियों को देना है
विश्वविद्यालय प्रबंधन का कहना है कि दस्तावेजों के तकनीकी कारणों से किसी भी छात्र को उच्च शिक्षा के अवसर से वंचित नहीं किया जा सकता। प्रवेश प्रक्रिया का उद्देश्य योग्य विद्यार्थियों को अवसर देना है, न कि उन्हें प्रशासनिक देरी का नुकसान उठाने के लिए मजबूर करना। यही कारण है कि प्रवेश को अधिक लचीला और छात्र-केंद्रित बनाने की दिशा में यह कदम उठाया गया है।
नई व्यवस्था लागू होने के बाद उन विद्यार्थियों को सबसे अधिक राहत मिलेगी, जिनके परिणाम देर से घोषित होते हैं या जिनकी अंकसूची समय पर उपलब्ध नहीं हो पाती। विशेष रूप से दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों के छात्र, जिन्हें दस्तावेज प्राप्त करने में अतिरिक्त समय लगता है, अब बिना किसी चिंता के प्रवेश प्रक्रिया में शामिल हो सकेंगे।
कागज पर लिखकर दें शपथपत्र
छात्रों को किसी प्रकार के कानूनी दस्तावेज की भी जरूरत नहीं होगी। एक कागज पर अंतिम शैक्षणिक कक्षा का उल्लेख करते हुए अपने परीक्षा परिणाम की स्पष्ट जानकारी दें और इस बात का उल्लेख करे कि उसकी मार्कशीट उपलब्ध नहीं है, उपलब्ध होते ही संस्थान में जमा कर दी जाएगी। इसे स्वप्रमाणित करने के बाद बतौर मूल दस्तावेज इसे प्रवेश प्रक्रिया के दस्तावेजों में जोड़कर जमा कर दे। इतना करना भर छात्रों को प्रवेश दिलवा देगा।
यह निर्णय न केवल हजारों विद्यार्थियों के लिए राहत भरा होगा, बल्कि इससे प्रवेश प्रक्रिया भी अधिक सरल और सुविधाजनक बनेगी। अब मार्कशीट की प्रतीक्षा छात्रों के सपनों की राह में बाधा नहीं बनेगी और वे समय पर अपने पसंदीदा पाठ्यक्रम में प्रवेश ले सकेंगे।-अरुण चौहान, कुलसचिव, राजा मानसिंह तोमर संगीत एवं कला विश्वविद्यालय