इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय में यूजी-पीजी कोर्स की फीस पांच प्रतिशत तक बढ़ाने पर विचार
डीएवीवी इंदौर के विभागाध्यक्षों ने तीन से पांच फीसद फीस बढ़ाने पर जोर दिया है। इसके पीछे तर्क यह दिया जा रहा है कि विश्वविद्यालय की आय का स्रोत सीमित ...और पढ़ें
Publish Date: Sun, 08 Mar 2026 09:09:26 AM (IST)Updated Date: Sun, 08 Mar 2026 09:11:59 AM (IST)
देवी अहिल्या विश्वविद्यालय का तक्षशिला परिसर। फाइल फोटोHighLights
- अगले सत्र से यूजी-पीजी कोर्स की पांच फीसद तक फीस बढ़ाने पर विचार
- यूटीडी के आधा दर्जन विभागों ने दिया सुझाव, विभागों से मांगे प्रस्ताव
- इसके साथ ही कुछ कोर्स में फीस के साथ सीटें भी बढ़ाई जा सकती हैं
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। देवी अहिल्या विश्वविद्यालय अपने विभागों से संचालित पाठ्यक्रम की फीस बढ़ाने की तैयारी में जुटा है। यूनिवर्सिटी टीचिंग डिपार्टमेंट (यूटीडी) के प्रमुख विभागों की तरफ से आए सुझाव के बाद विचार किया जा रहा है। इस संबंध में विभागों से प्रस्ताव मांगे गए हैं। विभागाध्यक्षों ने तीन से पांच फीसद फीस बढ़ाने पर जोर दिया है। इसके पीछे तर्क यह दिया जा रहा है कि विश्वविद्यालय की आय का स्रोत सीमित हो चुका है।
यहां तक कि विभागों में नई नियुक्तियां भी की जानी हैं। इसके चलते विभागों को आर्थिक बोझ आएगा। इसे निपटने के लिए विभागों ने फीस वृद्धि करने का सुझाव दिया है। यहां तक कि विश्वविद्यालय प्रशासन भी उन कोर्स की फीस बढ़ाने पर सहमत है, जिनकी विद्यार्थियों में अधिक डिमांड है। हालांकि फीस संबंधित मुद्दे पर मार्च के अंतिम सप्ताह में बैठक बुलाई जाएगी।
फरवरी में कुलगुरु डॉ. राकेश सिंघई ने विभागाध्यक्षों से चर्चा की। आईएमएस, आईआईपीएस, ईएमआरसी, आईईटी सहित कई विभागों ने फीस बढ़ाने की सिफारिश की। प्रमुख विभागों ने यूजी-पीजी कोर्स की फीस में तीन से पांच फीसद राशि में इजाफा करने का सुझाव दिया। विश्वविद्यालय में सीट नहीं मिलने पर छात्र-छात्राएं अन्य संस्थानों का रुख करते हैं।
सीटें बढ़ाने की भी जरूरत
फीस के अलावा सीटें भी बढ़ाने की जरूरत है। कुछ विभागाध्यक्षों ने कहा कि सीटें तभी बढ़ाई जा सकती हैं। जब विभागों में अतिरिक्त कक्षाएं और स्टाफ होगा। विभागों ने एमबीए दो व पांच वर्षीय, एमटेक सहित स्नातक व इंटीग्रेटेड कोर्स के प्रत्येक सेमेस्टर में तीन से पांच फीसद फीस बढ़ाने की बात कही है।