• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
  • मेरी खबरें
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • कोरोना वायरस
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • रक्षाबंधन
  • सावन माह
  • मानसून
  • मध्‍य प्रदेश की खबरें
  • राशि परिवर्तन
  • वास्‍तु शास्‍त्र
  • स्वच्छ जल
  • होम
  • शिक्षा

RGPV में पेपर लीक और घोटालों का बड़ा असर : बेहतर रैंक वाले विद्यार्थियों की रुचि हुई कम; 10 साल से भर्ती नहीं, कटऑफ में भारी गिरावट

आर्थिक अनियमितताओं, नैक ग्रेडिंग विवाद और पेपर लीक मामले के बाद विश्वविद्यालय की अकादमिक छवि प्रभावित होने का असर प्रवेश पर दिखाई दे रहा है।

By Anjali raiEdited By: bhupendra Singh Rajput
Publish Date: Mon, 17 Aug 2026 01:38:30 PM (IST)Updated Date: Mon, 17 Aug 2026 01:38:30 PM (IST)
RGPV में पेपर लीक और घोटालों का बड़ा असर : बेहतर रैंक वाले विद्यार्थियों की रुचि हुई कम;  10 साल से भर्ती नहीं, कटऑफ में भारी गिरावट
फोटो एआई से तैयार की गई है।

HighLights

  1. आरजीपीवी की घटती साख का असर
  2. पेपर लीक विवाद के बाद प्रवेश में दिखा बदलाव
  3. सीएसई की कटआफ 14.31 लाख तक पहुंची

नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल । प्रदेश की एकमात्र तकनीकी यूनिवर्सिटी राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (आरजीपीवी) की साख गिर रही है। तीन-चार सालों में आर्थिक अनियमितताओं, नैक ग्रेडिंग से जुड़े विवाद और हालिया पेपर लीक मामले के बाद विश्वविद्यालय की अकादमिक छवि प्रभावित हुई है। इसका असर प्रवेश के कटऑफ पर नजर आ रहा है।

वर्ष 2026 की प्रवेश प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है और इस बार विश्वविद्यालय के यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (यूआईटी) में जेईई में बेहतर रैंक वाले विद्यार्थियों की रुचि अपेक्षाकृत कम हुई है।

सबसे अधिक मांग वाली कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग (सीएसई) ब्रांच में इस साल कटआफ में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है।

इस सत्र में सीएसई की कटऑफ 14,31,895 रैंक तक पहुंची है। पिछले वर्षों में यही कटऑफ करीब 95 हजार रैंक तक रही है।

इस बार 14 लाख से अधिक रैंक वाले विद्यार्थी को भी सीएसई में सीट अलाट की गई है। इसके अलावा जेईई नहीं देने वाले विद्यार्थियों को 12वीं की मेरिट के आधार पर प्रवेश का अवसर भी मिला है।

बीटेक की 899 में से 805 सीटें भरीं

आरजीपीवी में बीटेक और बीटेक लेटरल एंट्री की विभिन्न ब्रांचों की कुल 899 सीटों में से 805 सीटों पर प्रवेश हो चुका है। सिविल इंजीनियरिंग (सीई) की सभी सीटें भर गई हैं। सीएसई की 168 सीटों में से दो सीटें खाली हैं।


वहीं मैकेनिकल इंजीनियरिंग, आईटी, ईईई और ईसी की सभी सीटें भर गई है। वहीं, एमटेक में 110 सीटों में से 38 पर प्रवेश हुआ है, जबकि 72 सीटें खाली हैं। एमसीए की 78 सीटों में से 72 सीटों पर प्रवेश हो चुका है।

यह भी पढ़ें- RGPV में अयोग्य कंपनी को दिया गोपनीय पेपर छपाई का ठेका; भोपाल में छात्रों का हंगामा, CBI जांच और परीक्षा नियंत्रक को हटाने की मांग

10 साल से फैकल्टी की भर्ती नहीं हुई

अधिकारियों का कहना है कि विश्वविद्यालय की साख में गिरावट के पीछे कई कारण हैं। विश्वविद्यालय में अकादमिक और प्रशासनिक नेतृत्व को लेकर भी सवाल उठते रहे हैं। नैक ग्रेडिंग से जुड़े विवादों के अलावा रैगिंग की शिकायतें भी समय-समय पर सामने आती रही हैं।

पिछले करीब 10 वर्षों से नियमित फैकल्टी की भर्ती नहीं हुई है। पढ़ाई के लिए अतिथि विद्वानों पर निर्भरता, विद्यार्थियों को पर्याप्त इंडस्ट्री एक्सपोजर नहीं मिलना और प्लेसमेंट के लिए बहुराष्ट्रीय कंपनियों का रूख नही करना।

आरजीपीवी में ब्रांच वाइज कटऑफ

ब्रांच कटऑफ (रैंक)
सीएसई (CSE) 14,31,895
एमई (ME) 14,44,503
आईटी (IT) 15,34,967
सीई (CE) 13,97,588
ईसी (EC) 13,97,962
ईईई (EEE) 13,83,007

विवि में पिछले दो-तीन साल में जो हुआ है, वह किसी से छुपा नहीं है। इसका असर पड़ता ही है। इस कारण विवि में प्रवेश लेने में विद्यार्थियों का रुझान कम हुआ है। साथ ही प्लेसमेंट में भी गिरावट आई है। इसकी समीक्षा की जाएगी और अकादमिक स्तर को सुधारने का प्रयास किया जाएगा। - प्रो. सुधीर भदौरिया, डायरेक्टर, यूआईटी आरजीपीवी