इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय में बीएड फर्स्ट सेमेस्टर के 35% ही हुए पास, 3 हजार से ज्यादा को एटीकेटी
डीएवीवी इंदौर पर खराब मूल्यांकन करने का आरोप लगाते हुए विद्यार्थियों ने कहा कि सभी प्रश्नों को हल करने के बावजूद छात्र-छात्राओं को तीन से चार नंबर से ...और पढ़ें
Publish Date: Sun, 01 Mar 2026 12:06:21 PM (IST)Updated Date: Sun, 01 Mar 2026 12:28:30 PM (IST)
देवी अहिल्या विश्वविद्यालय (डीएवीवी) इंदौर की फाइल फोटो।HighLights
- दिसंबर में बीएड फर्स्ट सेमेस्टर की परीक्षा हुई थी
- 49 कॉलेजों के 7209 विद्यार्थी सम्मिलित हुए थे
- मूल्यांकन को लेकर छात्रों ने उठाए सवाल
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। देवी अहिल्या विश्वविद्यालय (डीएवीवी) ने बैचलर ऑफ एजुकेशन (बीएड) फर्स्ट सेमेस्टर का रिजल्ट जारी कर दिया है। महज 35 फीसद छात्र-छात्राएं उत्तीर्ण हुए हैं। विद्यार्थियों ने फिर एक बार खराब मूल्यांकन करने का आरोप लगाया है। ज्यादातर छात्र-छात्राएं एक-एक विषय में फेल हुए हैं। वे तीन से चार नंबर से विषय क्लियर करने से रह गए हैं।
तीन हजार से अधिक विद्यार्थियों को एटीकेटी आई है। वहीं, कॉलेजों ने विश्वविद्यालय की मूल्यांकन व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं, क्योंकि पूर्व में अधिकारियों ने बीएड-एमएड की कॉपियां अन्य विश्वविद्यालय के शिक्षकों से जांचने वाली की बात कही थी। दिसंबर में बीएड फर्स्ट सेमेस्टर की परीक्षा हुई थी, जिसमें 49 कॉलेजों के 7209 विद्यार्थी सम्मिलित हुए थे।
दो महीने मूल्यांकन करने के बाद विश्वविद्यालय ने शुक्रवार देर रात को रिजल्ट जारी कर दिया। 35 फीसद यानी ढाई हजार से ज्यादा विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए हैं। 549 छात्र-छात्राएं दो से अधिक विषय में फेल हुए हैं। जबकि चार हजार विद्यार्थियों को एक-एक विषय में एटीकेटी आई है। 5 ऐसे कॉलेज भी हैं, जहां पढ़ने वाले 10 फीसद विद्यार्थी भी पास नहीं हो पाए हैं।
फेल होने पर आपत्ति दर्ज कराई
कुछ कॉलेजों का 20-22 फीसद रिजल्ट रहा है। फेल होने पर विद्यार्थियों ने आपत्ति दर्ज करवाई है। खराब मूल्यांकन करने का आरोप लगाते हुए विद्यार्थियों ने कहा कि सभी प्रश्नों को हल करने के बावजूद छात्र-छात्राओं को तीन से चार नंबर से रोका गया है। जबकि अशासकीय निजी कॉलेज संचालक संघ के अध्यक्ष अभय पांडे का कहना है कि कार्यपरिषद में भी बीएड-एमएड की कॉपियां अन्य विश्वविद्यालय के शिक्षकों से जांचने पर सहमति बनी थी।