
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर : देवी अहिल्या विश्वविद्यालय (डीएवीवी) ने पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया को तेज कर दिया है। विश्वविद्यालय का लक्ष्य है कि नए शोधार्थियों के लिए 15 अगस्त से कोर्स वर्क की कक्षाएं शुरू कर दी जाएं। इसी को ध्यान में रखते हुए डीईटी (डॉक्टोरल एंट्रेंस टेस्ट) और नान-डीईटी श्रेणी में चयनित उम्मीदवारों के साक्षात्कार 31 जुलाई तक पूरे किए जाएंगे। ये साक्षात्कार रिसर्च एडवाइजरी कमेटी (आरएसी) के माध्यम से होंगे। सभी विभागों को 7 अगस्त तक चयनित उम्मीदवारों की सूची आएगी।
नान-डीईटी श्रेणी के अंतर्गत 24 विषयों में पीएचडी प्रवेश के लिए 481 उम्मीदवारों ने पंजीयन कराया है। इनमें बायोकेमेस्ट्री, बायोटेक्नोलाजी, वनस्पति विज्ञान, अर्थशास्त्र, शिक्षा, हिन्दी, अंग्रेजी, इलेक्ट्रानिक्स, पत्रकारिता, प्रबंधन, वाणिज्य, भौतिकी, प्राणी विज्ञान, समाजशास्त्र, सोशल वर्क, गणित और विधि सहित कई विषय शामिल हैं। इन विषयों में प्रवेश के लिए राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (नेट) का स्कोर कार्ड मान्य किया गया है।
विश्वविद्यालय ने जून 2026 में आयोजित नेट परीक्षा के परिणामों को भी प्रवेश प्रक्रिया में शामिल किया है। प्रबंधन और वाणिज्य विषय सबसे आगे हैं। दोनों विषयों में 100-100 सीटें निर्धारित की गई हैं, जो इस वर्ष सबसे अधिक हैं। वहीं दूसरी ओर संस्कृत, उर्दू, राजनीति विज्ञान, संगीत, इतिहास, भूगोल और नृत्य जैसे विषयों में इस बार एक भी शोध-निर्देशक (गाइड) उपलब्ध नहीं है। ऐसे में इन विषयों में पीएचडी प्रवेश की संभावना नहीं बन पा रही है।
डीईटी के माध्यम से 12 विषयों में पीएचडी की जाएगी। 285 उम्मीदवारों ने आवेदन किया था। इनमें से 240 उम्मीदवार परीक्षा में शामिल हुए। 21 जून को आयोजित डीईटी परीक्षा में 145 उम्मीदवार ही क्वालिफाई हुए। अब उम्मीदवारों के लिए एप्लाइड केमिस्ट्री, एप्लाइड मैथ्स, एप्लाइड फिजिक्स, कम्प्यूटर साइंस, मैकेनिकल इंजीनियरिंग, फार्मेसी, ट्राइबल स्टडी, इंफार्मेशन टेक्नोलॉजी, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं टेलीकम्युनिकेशन, इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इंस्ट्रूमेंटेशन तथा इंस्ट्रूमेंटेशन विषयों में आरएसी के तहत साक्षात्कार आयोजित किए जाएंगे। ट्राइबल स्टडी विषय में फिलहाल एक भी गाइड उपलब्ध नहीं है, जिससे इस विषय में प्रवेश को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है।