देशभर के स्कूलों में छात्राओं के लिए सैनिटरी नैपकिन और स्वच्छता केंद्र अनिवार्य, सीबीएसई ने जारी किया निर्देश
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने देशभर के अपने संबद्ध स्कूलों को छात्राओं के स्वास्थ्य और गरिमा से जुड़े निर्देश जारी किए हैं। ...और पढ़ें
Publish Date: Tue, 07 Apr 2026 10:21:49 AM (IST)Updated Date: Tue, 07 Apr 2026 10:22:43 AM (IST)
HighLights
- सीबीएसई ने इसे अनिवार्य बताया है
- सुरक्षित शौचालय की व्यवस्था हो
- ऑनलाइन देनी होगी रिपोर्ट
नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने देशभर के अपने संबद्ध स्कूलों को छात्राओं के स्वास्थ्य और गरिमा से जुड़े निर्देश जारी किए हैं।
बोर्ड ने सभी विद्यालयों को पत्र लिखकर कहा है कि स्कूल परिसरों में पढ़ने वाली छात्राओं के लिए सैनिटरी नैपकिन की उपलब्धता और मासिक धर्म स्वच्छता केंद्र तैयार किए जाएं।
सीबीएसई ने इसे अनिवार्य बताया है
सीबीएसई द्वारा जारी पत्र में स्पष्ट कहा गया है कि विद्यालयों को मासिक धर्म स्वच्छता प्रबंधन (एमएचएम) से जुड़े दिशा-निर्देशों का गंभीरता के साथ पालन करना होगा।
शिक्षा मंत्रालय के माध्यम से प्राप्त सर्वोच्च न्यायालय के 20 जनवरी के फैसले का हवाला देते हुए सीबीएसई ने इसे अनिवार्य बताया है।
सुरक्षित शौचालय की व्यवस्था हो
बोर्ड ने स्कूलों के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं को भी विस्तार से स्पष्ट किया है। इसके तहत विद्यालयों में छात्राओं के लिए पर्याप्त, सुरक्षित और स्वच्छ अलग शौचालयों की व्यवस्था करना अनिवार्य होगा। साथ ही धुलाई (वाश) की सुविधाएं भी उपलब्ध करानी होंगी, ताकि छात्राएं किसी असुविधा का सामना न करें।