16 साल पुरानी नियुक्तियों पर TET की तलवार; MP के शिक्षकों ने शिवराज सिंह चौहान से लगाई गुहार, मिली समाधान की उम्मीद
मध्य प्रदेश राज्य कर्मचारी संघ के प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात कर सेवा और भविष्य की सुरक्षा की मांग रखी।
By Ajay JainEdited By: bhupendra Singh Rajput Publish Date: Mon, 24 Aug 2026 06:08:16 PM (IST)Updated Date: Mon, 24 Aug 2026 06:08:16 PM (IST)
शिक्षकों ने वरिष्ठता, पदोन्नति, वेतन और पेंशन समेत सभी वैधानिक अधिकारों की निरंतरता के लिए कानूनी संरक्षण मांगा। सौ- आयोजकHighLights
- पुराने शिक्षकों को TET से छूट की मांग
- प्रतिनिधिमंडल ने शिवराज को सौंपा ज्ञापन
- सेवा अधिकार सुरक्षित रखने की मांग
नईदुनिया प्रतिनिधि, विदिशा। 23 अगस्त 2010 से पहले नियुक्त शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) की अनिवार्यता से स्थायी छूट देने की मांग को लेकर मध्य प्रदेश राज्य कर्मचारी संघ के प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को केंद्रीय मंत्री एवं विदिशा सांसद शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा।
राष्ट्रीय राज्य कर्मचारी महासंघ के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षकों को अब टीईटी की अनिवार्यता के कारण असमंजस और असुरक्षा का सामना करना पड़ रहा है।
पूर्व नियुक्त शिक्षकों पर न हो लागू टीईटी
मांग की गई कि पूर्व नियुक्त शिक्षकों की सेवा, वरिष्ठता, पदोन्नति, वेतन, पेंशन सहित सभी वैधानिक अधिकारों की निरंतरता सुनिश्चित करने के लिए स्पष्ट कानूनी संरक्षण दिया जाए।
संघ ने शिक्षा का अधिकार अधिनियम या अन्य उपयुक्त कानून में संशोधन कर यह स्पष्ट करने की मांग की कि टीईटी की अनिवार्यता केवल भविष्य में होने वाली नियुक्तियों पर लागू हो, पूर्व नियुक्त शिक्षकों पर नहीं।
साथ ही सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की गई।
संभाग अध्यक्ष परसराम दुबे ने बताया कि चौहान ने मांग को गंभीरता से लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री से चर्चा कर समाधान की दिशा में पहल करने का आश्वासन दिया है। प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश अध्यक्ष हेमंत श्रीवास्तव, महामंत्री जितेंद्र सिंह सहित विभिन्न जिलों के पदाधिकारी मौजूद रहे।