माता-पिता खो चुके विद्यार्थियों के लिए MP बोर्ड की बड़ी राहत; 10वीं-12वीं की परीक्षा और नामांकन फीस माफ
शुल्क माफी के लिए आवेदन के साथ माता-पिता के मृत्यु प्रमाण-पत्र और आश्रय संबंधी प्रमाण-पत्र देना होगा।
Publish Date: Mon, 17 Aug 2026 09:28:51 AM (IST)Updated Date: Mon, 17 Aug 2026 09:28:51 AM (IST)
फोटो एआई की मदद से तैयार की गई है।HighLights
- माता-पिता दोनों को खो चुके विद्यार्थियों की फीस माफ
- माशिमं नामांकन और परीक्षा दोनों शुल्क नहीं लेगा
- 10वीं-12वीं समेत अन्य परीक्षाओं में विद्यार्थियों को राहत
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल । प्रदेश में ऐसे विद्यार्थियों जिनके माता-पिता दोनों की मृत्यु हो चुकी है, उनसे माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) शुल्क नहीं लेगा। इस संबंध में माशिमं द्वारा जारी आदेश में कहा गया कि शुल्क के अभाव में कई बार ऐसे बच्चे पढ़ाई छोड़ देते हैं।
बोर्ड ने तय किया है कि ऐसे बच्चों को नामांकन और परीक्षा दोनों शुल्क से राहत दी जाएगी।
आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि ऐसे विद्यार्थी चाहे रिश्तेदार के आश्रय में रहकर पढ़ाई कर रहे हैं अथवा शासन द्वारा संचालित अनाथालय में, उन्हें शुल्क में पूरी छूट दी जाएगी।
यह छूट माशिमं द्वारा आयोजित 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षा, द्वितीय बोर्ड परीक्षा, डीएलएड परीक्षा और नामांकन पर लागू होगी।
मृत्यु प्रमाण-पत्र जमा करना होगा
शुल्क माफी का लाभ लेने के लिए विद्यार्थियों को नामांकन अथवा परीक्षा फार्म भरते समय माता-पिता के निधन का प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करने होंगे।
साथ वह ही जिस रिश्तेदार, सरकारी अनाथालय या संस्था में रहकर पढ़ाई कर रहे हैं, वहां से संबंधित प्रमाण-पत्र भी देना होगा। ये दस्तावेज न होने पर शुल्क छूट का लाभ नहीं मिलेगा।
परीक्षा शुल्क 1500 और नामांकन 500 रुपये
माशिमं ने इस बार 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षा का शुल्क 1200 रुपये से बढ़ाकर 1500 रुपये और नामांकन शुल्क 300 रुपये से बढ़ाकर 500 रुपये कर दिया है। अनाथ विद्यार्थियों को इन शुल्कों से छूट मिलने से उनके आश्रयदाताओं पर आर्थिक बोझ कम होगा।
माता-पिता दोनों को खो चुके बच्चों को आर्थिक कठिनाइयों के कारण शिक्षा से दूर न होना पड़े। इसके लिए शुल्क माफ किया गया है। यह सुविधा इस सत्र से लागू हो जाएगी। - बुद्धेश कुमार वैद्य, सचिव, माशिमं