
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। यदि आपके बच्चे को किसी निजी या शासकीय स्कूल में पढ़ाई, मध्याह्न भोजन (जहां लागू हो), साफ-सफाई, खानपान, फीस से जुड़ी अनियमितता या अन्य शैक्षणिक सुविधाओं को लेकर परेशानी हो रही है, तो अभिभावक और छात्र अपनी शिकायत संबंधित विभाग तक पहुंचा सकते हैं।
यदि शिकायतकर्ता अपनी पहचान सार्वजनिक नहीं करना चाहता, तो उसकी पहचान गोपनीय रखने की भी व्यवस्था है। शिक्षा विभाग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि हर बच्चे को सुरक्षित वातावरण में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले। यदि किसी स्कूल में बच्चों के साथ भेदभाव किया जा रहा है, पढ़ाई ठीक से नहीं हो रही, शिक्षकों की नियमित उपस्थिति नहीं है, स्कूल में साफ-सफाई की कमी है, खानपान की गुणवत्ता खराब है या बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा से जुड़ी कोई समस्या है, तो इसकी शिकायत की जा सकती है।
अभिभावक सीएम हेल्पलाइन 181 पर शिकायत दर्ज करवा सकते हैं। यहां शिक्षा विभाग से जुड़ी शिकायतें भी स्वीकार की जाती हैं। सीएम हेल्पलाइन पोर्टल का भी उपयोग कर सकते हैं। इसके अलावा विकासखंड शिक्षा अधिकारी, जिला शिक्षा अधिकारी और जिला कलेक्टर कार्यालय में भी शिकायत दे सकते हैं। शिकायत मिलने के बाद संबंधित अधिकारियों द्वारा मामले की जांच की जाती है। यदि शिकायत सही पाई जाती है तो संबंधित स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की जाती है।
विशेषज्ञों के मुताबिक समय पर शिकायत करने से न केवल संबंधित बच्चे की समस्या का समाधान होता है, बल्कि अन्य विद्यार्थियों को भी बेहतर शैक्षणिक माहौल मिलता है। इसलिए किसी भी प्रकार की अनियमितता को नजरअंदाज करने के बजाय संबंधित अधिकारियों को इसकी जानकारी देना जरूरी है।
अभिभावक समय-समय पर बच्चों से स्कूल के माहौल, पढ़ाई और मिलने वाली सुविधाओं के बारे में बात करें। यदि कोई समस्या सामने आती है तो पहले स्कूल प्रबंधन से चर्चा करें। यदि समाधान नहीं निकलता है, तो संबंधित शिक्षा विभाग या सक्षम अधिकारी के पास शिकायत दर्ज कराएं। जागरूक अभिभावक और जिम्मेदार स्कूल व्यवस्था मिलकर ही बच्चों के लिए बेहतर और सुरक्षित शिक्षा का वातावरण तैयार कर सकते हैं।