
नईदुनिया प्रतिनिधि, मैहर। जिले के सरकारी स्कूलों में अध्ययनरत विज्ञान संकाय के विद्यार्थियों के लिए डॉक्टर और इंजीनियर बनने की राह अब और आसान होने जा रही है।
कलेक्टर ने बताया कि इस अभिनव पहल के तहत जिले के हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी विद्यालयों के विज्ञान संकाय (फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायोलॉजी और मैथ्स) के विद्यार्थियों को कक्षा 11वीं से ही प्रतियोगी परीक्षाओं की व्यवस्थित तैयारी कराई जाएगी।
इसके लिए जिले के उत्कृष्ट शिक्षकों का चयन कर विशेष शिक्षक समूह तैयार किया जाएगा, जिन्हें प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के अनुरूप प्रशिक्षित किया जाएगा। इस कार्यक्रम के संचालन में देश की प्रतिष्ठित कोचिंग संस्था एलेन (एलन) का सहयोग लिया जाएगा।
संस्था चयनित शिक्षकों को प्रशिक्षण प्रदान करेगी और अपनी अध्ययन सामग्री एवं टेक्स्ट बुक्स जिले के सभी हायर सेकेंडरी स्कूलों तक उपलब्ध कराएगी, जिससे विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक संसाधन मिल सके।
कलेक्टर ने कहा कि अधिकांश विद्यार्थी 12वीं के बाद प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी शुरू करते हैं, जबकि यदि उन्हें 11वीं कक्षा से ही सही मार्गदर्शन और नियमित कोचिंग मिले तो सफलता की संभावना कई गुना बढ़ जाती है।
इसी उद्देश्य से विद्यालयों में अतिरिक्त कक्षाओं का संचालन किया जाएगा, जहां प्रशिक्षित शिक्षक विद्यार्थियों को नीट और जेईई की तैयारी कराएंगे।
कलेक्टर बिदिशा मुखर्जी ने विश्वास व्यक्त किया कि इस पहल के सकारात्मक परिणाम आने वाले वर्षों में देखने को मिलेंगे। उन्होंने लक्ष्य रखा है कि भविष्य में मैहर जिले के 20 से 30 प्रतिशत प्रतिभाशाली विद्यार्थी आईआईटी, एनआईटी तथा मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश प्राप्त कर राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता हासिल करें।
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