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स्टूडेंट्स जोन: 10वीं के बाद फाउंडेशन और 12वीं के बाद सीधे एंट्रेंस की राह, कंपनी कानून से लेकर कारपोरेट गवर्नेंस तक बढ़ते अवसर

यदि विद्यार्थी शुरुआत से ही सही योजना बनाकर तैयारी करें और प्रत्येक चरण को समय पर पूरा करें तो कंपनी सेक्रेटरी के रूप में कारपोरेट जगत में सम्मानजनक औ...और पढ़ें

By Deepti MuleyEdited By: Navodit Saktawat
Publish Date: Mon, 31 Aug 2026 05:38:19 PM (IST)Updated Date: Mon, 31 Aug 2026 05:41:08 PM (IST)
स्टूडेंट्स जोन: 10वीं के बाद फाउंडेशन और 12वीं के बाद सीधे एंट्रेंस की राह, कंपनी कानून से लेकर कारपोरेट गवर्नेंस तक बढ़ते अवसर
जॉब्‍स एंड करियर समाचार।

HighLights

  1. सीएस कोर्स के बाद बना सकते हैं बेहतर करियर, ये हैं कोर्स
  2. 10वीं के बाद फाउंडेशन और 12वीं के बाद सीधे एंट्रेंस की राह।
  3. कंपनी कानून से लेकर कारपोरेट गवर्नेंस तक बढ़ते ये अवसर।

दीप्ति मुले, जबलपुर। कॉमर्स के विद्यार्थियों के बीच चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) और कास्ट एंड मैनेजमेंट अकाउंटेंट (सीएमए) के साथ कंपनी सेक्रेटरी (सीएस) भी एक बेहतर करियर विकल्प के रूप में लोकप्रिय हो रहा है।

कंपनी के कानूनी अनुपालन, कारपोरेट गवर्नेंस, बोर्ड मीटिंग, शेयरधारकों से जुड़े मामलों और नियामकीय प्रक्रियाओं में कंपनी सेक्रेटरी की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।

खास बात यह है कि विद्यार्थी 10वीं और 12वीं के बाद इस क्षेत्र में प्रवेश की तैयारी शुरू कर सकते हैं। विषय विशेषज्ञों के अनुसार सीएस कोर्स की सबसे बड़ी खासियत यह है कि विद्यार्थी स्कूली शिक्षा के बाद ही इस करियर की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं।

यदि विद्यार्थी शुरुआत से ही सही योजना बनाकर तैयारी करें और प्रत्येक चरण को समय पर पूरा करें तो कंपनी सेक्रेटरी के रूप में कारपोरेट जगत में सम्मानजनक और बेहतर करियर बनाया जा सकता है।

10वीं के बाद कर सकते हैं शुरुआत

कंपनी सेक्रेटरी बनने की राह इंस्टीट्यूट आफ कंपनी सेक्रेटरीज आफ इंडिया (आईसीएसआई) से जुड़ी है। 10वीं कक्षा पास करने वाले विद्यार्थी सीएसईईटी की तैयारी के लिए रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं, जबकि 12वीं के बाद वे निर्धारित पात्रता पूरी कर सीएईईटी परीक्षा में शामिल हो सकते हैं।


सीएस कोर्स को चरणबद्ध तरीके से पूरा करना होता है, जिसमें विद्यार्थियों को कंपनी कानून, व्यावसायिक एवं आर्थिक कानून, लेखांकन, कराधान, कॉरपोरेट गवर्नेंस और अन्य संबंधित विषयों की जानकारी दी जाती है। 12वीं के बाद विद्यार्थियों के लिए कंपनी सेक्रेटरी एक्जीक्यूटिव एंट्रेस टेस्ट महत्वपूर्ण प्रवेश चरण है।

इसमें बिजनेस कम्युनिकेशन, लीगल एप्टीट्यूड, लॉजिकल रीजनिंग, इकोनामिक एंड बिजनेस एनवायरनमेंट तथा करंट अफेयर्स जैसे क्षेत्रों की तैयारी करनी होती है। सीएसईईटी की परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद विद्यार्थी सीएस एक्जीक्यूटिव प्रोग्राम में प्रवेश की ओर बढ़ते हैं।

इसके बाद प्रोफेशन प्रोग्राम सीएस पाठ्यक्रम का उच्च स्तर है। निर्धारित परीक्षाएं पास करने के साथ विद्यार्थियों को प्रैक्टिकल ट्रेनिंग और अन्य आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करनी होती हैं। सभी चरण सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद विद्यार्थी कंपनी सेक्रेटरी के रूप में करियर बना सकते हैं।

कंपनी में अहम होती है सीएस की भूमिका

कंपनी सेक्रेटरी केवल दस्तावेज तैयार करने तक सीमित नहीं होते। वे कंपनी और उसके निदेशक मंडल को विभिन्न कानूनी एवं नियामकीय प्रावधानों के पालन में मार्गदर्शन देते हैं। बोर्ड मीटिंग और जनरल मीटिंग की प्रक्रिया, रिकार्ड एवं अनुपालन, कंपनी से जुड़े वैधानिक दस्तावेज, कारपोरेट गवर्नेंस तथा विभिन्न नियामकीय संस्थाओं से संबंधित कार्यों में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण होती है।

इन क्षेत्रों में मिल सकता है रोजगार

सीएस कोर्स पूरा करने के बाद विद्यार्थी कारपोरेट कंपनियों, बैंकिंग एवं वित्तीय संस्थानों, सरकारी उपक्रमों, स्टाक मार्केट से जुड़ी संस्थाओं और कंसल्टेंसी फर्मों में अवसर तलाश सकते हैं।

इसके अलावा अनुभव हासिल करने के बाद कंपनी कानून और कॉरपोरेट अनुपालन से जुड़े क्षेत्र में स्वतंत्र प्रैक्टिस का विकल्प भी उपलब्ध है।

जिन विद्यार्थियों की रुचि कंपनी कानून, कामर्स, बिजनेस, नियम-कानून, मैनेजमेंट और कॉरपोरेट सेक्टर में है, उनके लिए सीएस एक अच्छा करियर विकल्प हो सकता है।

इस क्षेत्र में सफलता के लिए विषयों की समझ के साथ नियमित अध्ययन, कानूनी प्रावधानों को समझने की क्षमता, अच्छी कम्युनिकेशन स्किल और अपडेट रहने की आदत जरूरी है।