
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। 2026-27 शैक्षणिक सत्र के लिए सरकारी और निजी कॉलेजों में प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। ऐसे में विद्यार्थियों के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि वे कौन-सा पाठ्यक्रम चुनें, जिससे भविष्य में बेहतर करियर बनाया जा सके।
विद्यार्थी सिर्फ किसी लोकप्रिय या पारंपरिक कोर्स को देखकर दाखिला लेने का फैसला न करें। वर्तमान समय में तकनीक तेजी से बदल रही है और नौकरी के अवसर भी उसी के अनुसार बढ़ रहे हैं। इसलिए ऐसे पाठ्यक्रमों का चयन करना चाहिए, जिनकी भविष्य में अधिक मांग रहने वाली है।
यह बात देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के डायरेक्टर कालेज डेवलपमेंट काउंसिल (डीसीडीसी) और वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. सचिन शर्मा ने कहीं है। मंगलवार को हेलो नईदुनिया कार्यक्रम के माध्यम से उन्होंने विद्यार्थियों का कालेज में प्रवेश को लेकर मार्गदर्शन किया। उन्होंने बताया कि राज्य स्तरीय विश्वविद्यालयों में संचालित स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए सीयूईटी आयोजित की जाती है।
आने वाले दिनों में सीयूईटी पीजी का परिणाम घोषित होने की संभावना है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) विद्यार्थियों का डाटा संबंधित संस्थानों को भेजेगी। उसी आधार पर देवी अहिल्या विश्वविद्यालय द्वारा मेरिट और रैंक तैयार की जाएगी। इसके बाद सीयूईटी काउंसिलिंग के लिए पंजीयन प्रक्रिया शुरू होगी, जो संभवतः जून के पहले सप्ताह से प्रारंभ हो सकती है।
वहीं सीयूईटी यूजी की परीक्षा फिलहाल जारी हैं और उनके परिणाम जुलाई तक आने की उम्मीद है। डॉ. शर्मा ने कहा कि आनलाइन काउंसिलिंग से पहले जिस कालेज में प्रवेश लेना चाहते हैं, वहां जाकर जानकारी लें और परिसर का दौरा करें। इससे कालेज की पढ़ाई, सुविधाओं और माहौल को समझने में आसानी होगी और सही निर्णय लेने में मदद मिलेगी।
डॉ. शर्मा के अनुसार इन दिनों आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), डाटा साइंस, डाटा एनालिसिस और फोरकास्टिंग जैसे विषयों से जुड़े कोर्स की मांग तेजी से बढ़ रही है। इन क्षेत्रों में रोजगार की संभावनाएं अधिक हैं। ऐसे पाठ्यक्रम विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक और उद्योग की जरूरतों के अनुसार तैयार करते हैं। इसलिए विद्यार्थियों को इन विषयों से जुड़े कोर्स में प्रवेश लेने पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
मेरी बेटी ने पीसीएम से 12वीं उत्तीर्ण की है। 74 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हैं। उसे किस पाठ्यक्रम में प्रवेश लेना उचित रहेगा? - विजय कुमार, इंदौर
बीसीए सबसे बेहतर विकल्प है। वैसे ही जेईई के मार्क्स के आधार पर इंजीनियरिंग में भी प्रवेश मिल सकता है। इसके लिए डायरेक्टोरेट ऑफ टेक्नीकल एजुकेशन (डीटीई) की काउंसिलिंग शुरू होने का इंतजार करना चाहिए। वैसे डीएवीवी में भी एमएस इंटीग्रेटेड पाठ्यक्रम संचालित होता है। मगर इसके लिए सीयूईटी यूजी के माध्यम से प्रवेश दिया जाता है।
कामर्स से 12वीं उत्तीर्ण की है। किस पाठ्यक्रम को प्राथमिकता देना बेहतर रहेगा? - अनमोल शर्मा, इंदौर
कामर्स से 12वीं करने वाले विद्यार्थियों के सामने काफी सारे विकल्प रहते हैं, जिसमें बीकाम के अलावा बीबीए, बीवाक, एमबीए इंटीग्रेटेड पाठ्यक्रम हैं। एनईपी स्नातक के अंतर्गत पाठ्यक्रम चयन करने के दौरान एआइ विषय अनिवार्य रूप से चुनें, क्योंकि इस विषय की इन दिनों भारी डिमांड है।
डीएवीवी की सीयूईटी पीजी की काउंसिलिंग कब शुरू होगी? - साक्षी सोलंकी, इंदौर
एनटीए की तरफ से सीयूईटी पीजी में सम्मिलित होने वाले विद्यार्थियों का डाटा संस्थान को जल्द ही मिलेगा। उसके बाद मेरिट और रैंक बनाई जाएगी। उसके बाद डीएवीवी काउंसिलिंग के लिए पंजीयन शुरू करेंगे। इस प्रक्रिया में पंद्रह दिनों का समय और लगेगा।
उच्च शिक्षा विभाग की आनलाइन काउंसिलिंग के पहले चरण में सीट आवंटित नहीं होती है तो दूसरे चरण में पंजीयन करवाना अनिवार्य है क्या? - राहुल जैन, इंदौर
उच्च शिक्षा विभाग की काउंसिलिंग में जब तक पसंदीदा कॉलेज में प्रवेश नहीं मिलता है और अगले चरण में दोबारा हिस्सा लेना है तो पंजीयन करना होगा। तभी आवंटन सूची में नाम आएगा।