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जबलपुर के तालाब में दिखी रंग-बिरंगी जलमुर्गी, विशेषज्ञों से जानें क्‍यों है यह जैव विविधता का खूबसूरत उदाहरण

चमकीले नीले-बैंगनी रंग के शरीर, लाल चोंच और माथे पर बनी लाल ढाल जैसी संरचना वाले इस पक्षी ने तालाब के आसपास आने-जाने वाले लोगों और पक्षी प्रेमियों का ...और पढ़ें

By Deepti MuleyEdited By: Navodit Saktawat
Publish Date: Mon, 07 Sep 2026 12:16:27 PM (IST)Updated Date: Mon, 07 Sep 2026 12:33:42 PM (IST)
जबलपुर के तालाब में दिखी रंग-बिरंगी जलमुर्गी, विशेषज्ञों से जानें क्‍यों है यह जैव विविधता का खूबसूरत उदाहरण
जबलपुर में दिखाई दी जलमुर्गी।

HighLights

  1. विशेषज्ञों के अनुसार शहर जैव विविधता के लिए महत्वपूर्ण स्थान।
  2. अलग-अलग मौसम में विभिन्न प्रजातियों के पक्षी आते हैं नजर।
  3. एक खूबसूरत, आकर्षक पक्षी पर्पल स्वैम्पहेन नजर आया है।

दीप्ति मुले, जबलपुर। शहर की प्राकृतिक संपदा और जैव विविधता एक बार फिर लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी है। अधारताल स्थित तालाब में इन दिनों एक खूबसूरत और आकर्षक पक्षी पर्पल स्वैम्पहेन नजर आया है। चमकीले नीले-बैंगनी रंग के शरीर, लाल चोंच और माथे पर बनी लाल ढाल जैसी संरचना वाले इस पक्षी ने तालाब के आसपास आने-जाने वाले लोगों और पक्षी प्रेमियों का ध्यान अपनी ओर खींचा। तालाब में इसकी मौजूदगी को शहर की समृद्ध पक्षी विविधता के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

क्‍या होती है जलमुर्गी

पर्पल स्वैम्पहेन को हिंदी में जलमुर्गी अथवा नीलकंठी जलमुर्गी के नाम से भी जाना जाता है। इसके लंबे लाल-गुलाबी पैर और चमकीला शरीर इसे दूसरे जल पक्षियों से अलग पहचान देते हैं। यह पक्षी तालाब, झील, दलदली क्षेत्र और ऐसे स्थानों पर पाया जाता है, जहां पानी के साथ जलीय वनस्पतियां पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हों। यह पानी के आसपास उगने वाली वनस्पतियों के बीच आसानी से विचरण करता दिखाई देता है।


पक्षी प्रेमियों के लिए अधारताल का यह नजारा इसलिए भी खास है, क्योंकि शहर के बीचोंबीच किसी खूबसूरत जल पक्षी का दिखाई देना यह बताता है कि जबलपुर की प्राकृतिक धरोहर अभी भी जीवंत है। जरूरत केवल इसे पहचानने, समझने और संरक्षित रखने की है।

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अधारताल का तालाब बना पक्षियों का आश्रय

  • विशेषज्ञों के अनुसार अधारताल स्थित तालाब लंबे समय से स्थानीय जैव विविधता के लिए महत्वपूर्ण स्थान रहा है। यहां अलग-अलग मौसम में विभिन्न प्रजातियों के पक्षी दिखाई देते हैं।
  • पानी और आसपास मौजूद वनस्पतियां पक्षियों के लिए भोजन, आश्रय और प्रजनन के लिहाज से अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराती हैं।
  • ऐसे में पर्पल स्वैम्पहेन का दिखाई देना इस बात का संकेत माना जा सकता है कि शहर के भीतर मौजूद जलस्रोत स्थानीय वन्यजीवों के लिए कितने महत्वपूर्ण हैं।
  • जबलपुर को नर्मदा नदी, तालाबों, जलाशयों, पहाड़ियों, जंगलों और हरित क्षेत्रों के कारण प्राकृतिक विविधता से समृद्ध शहर माना जाता है।
  • बरगी क्षेत्र, डुमना नेचर पार्क, ग्वारीघाट, तिलवारा और शहर के विभिन्न तालाब कई तरह के पक्षियों और छोटे जीव-जंतुओं को आश्रय देते हैं।
  • प्रवासी पक्षियों के साथ-साथ यहां स्थानीय प्रजातियों की भी अच्छी मौजूदगी देखी जाती है।

जलस्रोतों का संरक्षण जरूरी

पक्षी विशेषज्ञों और प्रकृति प्रेमियों का मानना है कि शहर के तालाब केवल जल संग्रहण के स्थान नहीं हैं, बल्कि ये स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। जलस्रोतों में स्वच्छ पानी, जलीय वनस्पतियां और आसपास हरियाली बनी रहे तो कई पक्षी प्रजातियां यहां अपना प्राकृतिक आवास बना सकती हैं।

अधारताल तालाब में पर्पल स्वैम्पहेन

अधारताल तालाब में पर्पल स्वैम्पहेन का दिखाई देना शहरवासियों के लिए प्रकृति को करीब से देखने का अवसर भी है। साथ ही यह संदेश भी देता है कि जबलपुर की जैव विविधता को बचाने के लिए तालाबों और प्राकृतिक क्षेत्रों का संरक्षण जरूरी है। यदि जलस्रोतों में कचरा, प्लास्टिक और प्रदूषण कम किया जाए तथा आसपास की हरियाली को सुरक्षित रखा जाए, तो शहर में पक्षियों की कई और प्रजातियों को अनुकूल वातावरण मिल सकता है।