
लाइफस्टाइल डेस्क। नियमित रूप से एक्सरसाइज करना शरीर के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है, लेकिन अक्सर नई एक्सरसाइज शुरू करने या लंबे समय बाद वर्कआउट करने पर शरीर में दर्द और जकड़न महसूस होने लगती है। विशेषज्ञों के अनुसार, शुरुआत में मांसपेशियों में होने वाला यह हल्का दर्द सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है।
इसे मेडिकल भाषा में मसल सोरनेस कहा जाता है। आमतौर पर यह दर्द एक्सरसाइज के 24 से 48 घंटों के भीतर धीरे-धीरे कम होने लगता है और बिना किसी विशेष इलाज के ठीक भी हो जाता है। हालांकि, हर प्रकार का दर्द सामान्य नहीं होता और कुछ स्थितियों में यह किसी गंभीर समस्या का संकेत भी हो सकता है।
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पीएसआरआई अस्पताल, दिल्ली के हेड फिजियोथेरेपी डॉ. लक्ष्य भक्तियानी (पीटी) के अनुसार कई लोग दर्द होने के बावजूद अपनी एक्सरसाइज जारी रखते हैं, जो आगे चलकर बड़ी चोट का कारण बन सकता है।
यदि कंधे, घुटने या पीठ में लगातार दर्द बना रहता है और आराम करने के बाद भी उसमें सुधार नहीं होता, तो यह ओवरयूज इंजरी या मांसपेशियों में खिंचाव का संकेत हो सकता है। समय पर इलाज न कराने से यह समस्या लंबे समय तक परेशानी का कारण बन सकती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर एक्सरसाइज के बाद दर्द अचानक बहुत तेज हो जाए या कई दिनों तक बना रहे, तो सावधान हो जाना चाहिए।
इसके अलावा अगर दर्द के साथ शरीर के किसी हिस्से में सूजन, लालिमा, चलने-फिरने में परेशानी या उसे हिलाने में दिक्कत हो, तो यह मांसपेशियों, जोड़ों या लिगामेंट में चोट का संकेत हो सकता है। ऐसी स्थिति में डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
विशेषज्ञों के मुताबिक इन समस्याओं से बचने के लिए एक्सरसाइज करते समय सही तकनीक का उपयोग करना बेहद जरूरी है। वर्कआउट की तीव्रता अचानक बढ़ाने के बजाय धीरे-धीरे बढ़ानी चाहिए।
इसके अलावा वर्कआउट से पहले वार्म-अप और बाद में कूल-डाउन करना मांसपेशियों को सुरक्षित रखने में मदद करता है। शरीर को पर्याप्त आराम देना, संतुलित आहार लेना और भरपूर पानी पीना भी मांसपेशियों की रिकवरी के लिए जरूरी माना जाता है।