
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। गणेशोत्सव की आहट के साथ ही शहर के बाजारों में गणपति बप्पा की सुंदर और आकर्षक प्रतिमाओं की रौनक नजर आने लगी है। जगह-जगह सजे मूर्ति बाजार में भगवान गणेश के अलग-अलग स्वरूप लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर रहे हैं।
कहीं गणेश जी को राजसी पोशाक और मुकुट से सजाया गया है तो कहीं उन्हें बाल स्वरूप, सिंहासन पर विराजमान या विभिन्न मुद्राओं में तैयार किया गया है।
गणेश प्रतिमाओं की खरीदारी के लिए लोग परिवार के साथ बाजार पहुंच रहे हैं। खासतौर पर बच्चों में गणेश प्रतिमाओं को लेकर खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।
गणेशोत्सव को लेकर शहर के विभिन्न क्षेत्रों में मूर्तिकारों और दुकानदारों ने प्रतिमाओं की दुकानें सजाना शुरू कर दिया है। बाजार में एक से लेकर कई फीट तक की गणेश प्रतिमाएं उपलब्ध हैं।
घरों में स्थापना के लिए छोटे आकार की प्रतिमाओं की मांग है, जबकि सार्वजनिक पंडालों के लिए बड़ी और आकर्षक प्रतिमाओं को पसंद किया जा रहा है।
इस बार गणेश प्रतिमाओं में पारंपरिक स्वरूप के साथ आधुनिक कलाकारी का मेल भी देखने को मिल रहा है। गणेशोत्सव को लेकर बाजार में दिखाई दे रही रौनक से व्यापारियों के चेहरे पर भी खुशी नजर आ रही है।
वहीं श्रद्धालु अपनी पसंद के गणपति बप्पा को घर लाने के लिए उत्सुक दिखाई दे रहे हैं। गणेशोत्सव से पहले ही शहर का मूर्ति बाजार “गणपति बप्पा मोरया” के जयघोष और उत्साह से गुलजार होने लगा है।
मूर्ति बाजार में गणेश जी की प्रतिमाओं की विविधता लोगों का ध्यान खींच रही है। मूर्तिकारों ने गणेश जी को अलग-अलग रंगों, पोशाक और आभूषणों से सजाया है। कहीं गणेश जी हाथ में मोदक लिए नजर आ रहे हैं तो कहीं वीणा, कमल और अन्य वस्तुओं के साथ प्रतिमाएं तैयार की गई हैं। कुछ प्रतिमाओं में गणेश जी के साथ रिद्धि-सिद्धि का स्वरूप भी बनाया गया है।
इसके अलावा पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए मिट्टी से तैयार की गई प्रतिमाएं भी बाजार में उपलब्ध हैं। कई लोग प्लास्टर ऑफ पेरिस के बजाय मिट्टी और प्राकृतिक रंगों से बनी प्रतिमाओं को प्राथमिकता दे रहे हैं। दुकानदारों के अनुसार श्रद्धालु अब प्रतिमा खरीदते समय उसकी सुंदरता के साथ-साथ पर्यावरण अनुकूल होने की जानकारी भी ले रहे हैं।
गणेश प्रतिमा की खरीदारी के लिए लोग परिवार के साथ बाजार पहुंच रहे हैं। बच्चे अपनी पसंद की प्रतिमा चुनने में उत्साह दिखा रहे हैं। कई परिवारों में गणेश जी की स्थापना की तैयारी पहले से शुरू हो गई है। बाजार में प्रतिमा के साथ पूजा सामग्री, सजावट का सामान, मुकुट, माला, कृत्रिम फूल और अन्य पूजन सामग्री की भी बिक्री बढ़ने लगी है।
शहर के प्रमुख बाजारों और मूर्ति विक्रय स्थलों पर शाम के समय विशेष चहल-पहल देखने को मिल रही है। लोगों का कहना है कि गणेशोत्सव केवल धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि परिवार और समाज को एक साथ जोड़ने वाला पर्व भी है। यही वजह है कि गणेश जी की प्रतिमा को घर लाने को लेकर हर आयु वर्ग में उत्साह दिखाई दे रहा है।
गणेश जी की स्थापना को लेकर परिवार में काफी उत्साह है। इस बार बाजार में बहुत सुंदर प्रतिमाएं देखने को मिल रही हैं। हमने ऐसी प्रतिमा पसंद की है, जो आकार में ज्यादा बड़ी न हो और घर में आसानी से स्थापित की जा सके। प्रतिमा खरीदने के साथ ही पूजा और सजावट की तैयारियां भी शुरू कर दी हैं।”
पूजा तिवारी, ग्राहक
बाजार में गणेश जी की इतनी सुंदर प्रतिमाएं हैं कि एक प्रतिमा पसंद करना मुश्किल हो रहा है। बच्चों को भी प्रतिमाएं बहुत पसंद आ रही हैं। हम इस बार मिट्टी से बनी पर्यावरण अनुकूल प्रतिमा लेने की सोच रहे हैं। गणेशोत्सव को लेकर पूरे परिवार में उत्साह का माहौल है।
राकेश शर्मा, ग्राहक