
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। गर्मी का मौसम अपने साथ तेज धूप, अधिक पसीना और थकान लेकर आता है। इस समय शरीर जल्दी कमजोर महसूस करने लगता है और मन भी चिड़चिड़ा हो सकता है। ऐसे में योग हमारे लिए एक प्राकृतिक और सरल उपाय साबित होता है।
यह कहना है योगाचार्य अमिता कोठारी का। उनका कहना है कि योग न केवल शरीर को स्वस्थ रखता है, बल्कि मन को भी शांति और संतुलन प्रदान करता है। गर्मी के दिनों में शरीर का तापमान बढ़ जाता है, जिससे ऊर्जा में कमी महसूस होने लगती है।
योग और प्राणायाम शरीर को भीतर से संतुलित करने का कार्य करते हैं। विशेष रूप से शीतली और शीतकारी प्राणायाम शरीर को ठंडक प्रदान करते हैं तथा गर्मी के प्रभाव को कम करने में मदद करते हैं।
वहीं भ्रामरी प्राणायाम मानसिक तनाव को दूर कर मन को शांत और एकाग्र बनाता है। योग के कुछ सरल आसन गर्मी के मौसम में विशेष लाभकारी होते हैं। ताड़ासन शरीर की मुद्रा को सुधारने और संतुलन बनाए रखने में मदद करता है। वृक्षासन एकाग्रता और स्थिरता को बढ़ाता है।
भुजंगासन रीढ़ की हड्डी को मजबूत बनाकर शरीर में लचीलापन लाता है। मकरासन शरीर को गहरा विश्राम देता है और थकान को दूर करता है। इसके अलावा शवासन पूरे शरीर और मन को आराम देकर नई ऊर्जा का संचार करता है। योग का सबसे बड़ा लाभ यह है कि यह शरीर, मन और आत्मा के बीच संतुलन स्थापित करता है।
नियमित योग अभ्यास से व्यक्ति अधिक सक्रिय, सकारात्मक और आत्मविश्वासी महसूस करता है। साथ ही कार्यस्थल और पारिवारिक जीवन में भी बेहतर सामंजस्य बना रहता है। इस गर्मी के मौसम में प्रतिदिन कुछ समय योग के लिए अवश्य निकालें। योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाकर आप स्वस्थ शरीर, शांत मन और ऊर्जावान जीवन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बढ़ा सकते हैं।