
हेल्थ डेस्क। सुबह ऑफिस पहुंचने के बाद काम शुरू हुआ और देखते ही देखते लंच का समय निकल गया। कभी मीटिंग, कभी डेडलाइन तो कभी लगातार स्क्रीन के सामने बैठकर काम करने के कारण कई लोग समय पर खाना नहीं खा पाते। खासकर युवाओं और वर्किंग प्रोफेशनल्स की दिनचर्या में यह आदत आम हो सकती है। शुरुआत में भले ही इसका ज्यादा असर महसूस न हो, लेकिन बार-बार खाना छोड़ना शरीर की पोषण संबंधी जरूरतों को पूरा करना मुश्किल बना सकता है। इससे एनर्जी, भूख और खानपान की आदतों पर असर पड़ सकता है।
खाना शरीर को ऊर्जा देने के साथ जरूरी पोषक तत्व भी उपलब्ध कराता है। जब कोई व्यक्ति लंबे समय तक कुछ नहीं खाता, तो उसे भूख, थकान, कमजोरी या चिड़चिड़ापन महसूस हो सकता है। कुछ लोगों को सिरदर्द या चक्कर आने जैसी परेशानी भी हो सकती है।
हालांकि, हर व्यक्ति पर इसका असर एक जैसा नहीं होता। स्वस्थ वयस्कों में थोड़े समय तक खाना न खाने से सोचने-समझने की क्षमता पर असर पड़ना जरूरी नहीं है। लेकिन अगर भूखे रहने के साथ कमजोरी या एकाग्रता में परेशानी महसूस हो रही है, तो अपनी दिनचर्या और खानपान पर ध्यान देना चाहिए।
ऑफिस में लगातार काम करने के दौरान शरीर और दिमाग दोनों को ऊर्जा की जरूरत होती है। अगर भूख लगने के बावजूद कोई व्यक्ति काम करता रहता है, तो उसका ध्यान बार-बार खाने की तरफ जा सकता है। कुछ लोगों को इससे काम में मन लगाने या एकाग्रता बनाए रखने में परेशानी होती है।
जॉन्स हॉपकिन्स मेडिसिन के अनुसार, भोजन छोड़ने से कुछ लोगों के लिए ध्यान केंद्रित करना और समस्याओं को हल करना मुश्किल हो सकता है। हालांकि, इसका असर व्यक्ति की सेहत, खानपान और कितने समय से उसने कुछ नहीं खाया है, इस पर निर्भर करता है।
कई बार लंच छोड़ने के बाद शाम को तेज भूख लगती है। ऐसे में व्यक्ति जरूरत से ज्यादा खा सकता है या जल्दी में मिलने वाले स्नैक्स, मिठाई और दूसरी चीजों को प्राथमिकता दे सकता है।
साल 2020 में Public Health Nutrition में प्रकाशित एक अध्ययन में पाया गया कि भोजन छोड़ने के बाद अगली मील में लोग अधिक ऊर्जा का सेवन कर सकते हैं। अध्ययन में यह भी सामने आया कि मील छोड़ने से पूरे दिन के खानपान की पोषण गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है। हालांकि, हर व्यक्ति में ऐसा होना जरूरी नहीं है।
अगर काम के कारण बार-बार खाना छूटता है, तो दिनभर में पर्याप्त फल, सब्जियां, साबुत अनाज, प्रोटीन और दूसरे जरूरी पोषक तत्व लेना मुश्किल हो सकता है। लंबे समय तक संतुलित भोजन न मिलना शरीर की पोषण संबंधी जरूरतों को प्रभावित कर सकता है।
इसलिए केवल पेट भरना ही नहीं, बल्कि भोजन में अलग-अलग पोषक तत्व शामिल करना भी जरूरी है। हर बार बाहर का खाना या पैकेट वाले स्नैक्स खाना भी संतुलित खानपान का विकल्प नहीं है।
काम कितना भी जरूरी हो, अपनी सेहत के लिए खाने का समय निकालना जरूरी है। इसके लिए कुछ आसान तरीके अपनाए जा सकते हैं।
अगर खाना छूटने के बाद बार-बार चक्कर, बेहोशी या बहुत ज्यादा कमजोरी महसूस होती है, तो डॉक्टर से सलाह लें। डायबिटीज की दवा लेने वाले लोगों को भोजन छोड़ने से पहले विशेष सावधानी बरतनी चाहिए, क्योंकि कुछ दवाओं के साथ ब्लड शुगर कम होने का खतरा बढ़ सकता है।
काम और डेडलाइन जरूरी हैं, लेकिन शरीर की जरूरतों को लगातार नजरअंदाज करना सही नहीं है। समय पर संतुलित भोजन करना न केवल पोषण के लिए, बल्कि दिनभर बेहतर महसूस करने के लिए भी मददगार हो सकता है।
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