
लाइफस्टाइल डेस्क। भागदौड़ भरी आधुनिक जीवनशैली में हृदय रोग तेजी से बढ़ रहे हैं। कभी उम्रदराजों की बीमारी मानी जाने वाली हार्ट अटैक की समस्या अब 30-40 वर्ष के युवाओं को भी अपनी चपेट में ले रही है। सही जीवनशैली और कुछ सावधानियों से हृदय रोग से काफी हद तक बचाव संभव है।
असंतुलित आहार, जंक फूड का अधिक सेवन, धूम्रपान, शराब, शारीरिक निष्क्रियता, तनाव और नींद की कमी हृदय रोग के प्रमुख कारण हैं। उच्च रक्तचाप, डायबिटीज और मोटापा भी खतरे को बढ़ाते हैं।
बचाव के लिए नियमित व्यायाम भी जरूरी हैं। रोजाना 30-45 मिनट तेज चलना, योग या साइकलिंग हृदय को मजबूत रखता है।
आहार में फल, हरी सब्जियां, साबुत अनाज और कम तेल-नमक का उपयोग फायदेमंद है। तले-भुने और प्रोसेस्ड फूड से दूरी बनाना जरूरी है।
इसके साथ ही धूम्रपान व तंबाकू पूरी तरह छोड़ना, शराब का सेवन सीमित करना, 7-8 घंटे की नींद लेना और तनाव प्रबंधन के लिए ध्यान व प्राणायाम अपनाना चाहिए।

30 वर्ष की आयु के बाद नियमित बीपी, शुगर और कोलेस्ट्रॉल की जांच कराना भी आवश्यक है। सीने में दर्द, सांस फूलना, पसीना आना या बाएं कंधे में दर्द जैसे लक्षणों को नजरअंदाज न करें और तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें। समय पर सावधानी ही स्वस्थ हृदय की कुंजी है।
Dr. नवीन शर्मा, ह्दय रोग विशेषज्ञ