
लाइफस्टाइल डेस्क। कई बार लंबे समय तक पानी में रहने या बार-बार हाथ धोने के बाद उंगलियों और पैरों की त्वचा सिकुड़ी हुई या झुर्रियों जैसी दिखने लगती है। अक्सर लोग इसे हल्के में ले लेते हैं, लेकिन मन में सवाल जरूर आता है कि आखिर ऐसा क्यों होता है? क्या यह किसी बीमारी का संकेत है या फिर एक सामान्य प्रक्रिया?
मेडिकल भाषा में इस स्थिति को फिंगर्स प्रून कहा जाता है। ज़्यादातर मामलों में यह शरीर की एक नेचुरल प्रतिक्रिया होती है, लेकिन कुछ हालात में यह किसी अंदरूनी समस्या की ओर भी इशारा कर सकती है। आइए समझते हैं इसके पीछे की वजहें।
उंगलियां क्यों सिकुड़ती हैं?
जब हाथ या पैर लंबे समय तक पानी में रहते हैं, तो त्वचा की ऊपरी परत में बदलाव आने लगता है। इसके अलावा, त्वचा के नीचे मौजूद ब्लड वेसल्स के सिकुड़ने से भी उंगलियां झुर्रियों जैसी दिख सकती हैं। हालांकि, हर बार वजह सिर्फ पानी ही नहीं होती,कभी-कभी इसके पीछे मेडिकल कारण भी हो सकते हैं।
डायबिटीज हो सकती है एक कारण
डायबिटीज के मरीजों में उंगलियों का सिकुड़ना एक आम समस्या हो सकती है। हाई ब्लड शुगर लेवल के कारण पसीने की ग्रंथियां प्रभावित होती हैं, जिससे स्किन ड्राई होने लगती है और झुर्रियां जल्दी दिखने लगती हैं।
डायबिटीज के कुछ सामान्य संकेत इस तरह हो सकते हैं
विटामिन B12 की कमी
शरीर को सही तरह से काम करने के लिए जरूरी पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है। विटामिन B12 की कमी होने पर भी उंगलियों में सिकुड़न दिखाई दे सकती है।
इसकी कमी से एनीमिया, थकान, सांस फूलना, पैरों में झुनझुनी और याददाश्त कमजोर होना जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं।
विटामिन B12 की पूर्ति के लिए नॉन-वेज खाने वालों के लिए मीट, चिकन और मछली अच्छे स्रोत हैं। वहीं शाकाहारी लोग दूध, दही और अन्य डेयरी प्रोडक्ट्स को अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं।
कब बरतें सावधानी?
अगर उंगलियों का सिकुड़ना पानी से निकलने के बाद भी लंबे समय तक बना रहता है, या इसके साथ थकान, झुनझुनी, दर्द या बार-बार इन्फेक्शन जैसी समस्याएं हों, तो इसे नजरअंदाज न करें और डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर रहता है।