
पीयूष वाणी, नईदुनिया, नानपुर (आलीराजपुर)। जिले के नानपुर क्षेत्र के लोहार फलिया से सरकारी दावों की पोल खुल गई है। यहां एक लगभग 35 वर्षीय दिव्यांग युवक प्रदीप बुनियादी सुविधाओं के अभाव में अत्यंत अमानवीय परिस्थितियों में जीने को मजबूर हैं। न पेंशन, न आवास मिला है।
परिजनों के अनुसार, अत्यंत गरीब इस परिवार में युवक की एक बहन भी दिव्यांग है, जिसे मात्र 600 रुपये मानसिक/शारीरिक दिव्यांगता पेंशन मिलती है। वृद्ध माता-पिता के पास रहने को न तो पक्का मकान है और न ही उज्ज्वला योजना का गैस सिलेंडर। मां ने बताया कि राशन में मिलने वाला अनाज पूरे परिवार के लिए नाकाफी साबित होता है, जिससे वे अक्सर आस-पड़ोस से मिलने वाले भोजन पर निर्भर रहते हैं।
विडंबना यह है कि चुनावों के समय वोट के लिए युवक का वोटर आईडी तो बना दिया गया, लेकिन अब तक उसका आधार कार्ड नहीं बन सका है। जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा के कारण यह लाचार परिवार आज भी सरकारी योजनाओं के लाभ से पूरी तरह वंचित है।
दिव्यांग युवक धूप, गर्मी, ठंड व वर्षा में परेशान रहता है। परिजनों का कहना है कि जनप्रतिनिधि व कलेक्टर ने गरीब परिवार की मदद करना चाहिए। मामले में सरपंच सकरी समरथ सिंह मौर्य का कहना है कि हमने इस परिवार को राशन व्यवस्था की है। आने वाले समय में इसका पीएम आवास भी बनाएंगे। नई सूची बनेगी। अभी पुराने आवास ही पूरे नहीं हुए है। इस युवक का आधार जल्द बनाने के लिए प्रयासरत है।
ग्रामीणों का कहना है कि फिलहाल सामाजिक न्याय विभाग को युवक की मदद करना चाहिए। उसे पेंशन सहित अन्य सुविधाएं देना चाहिए। साथ ही उसके इलाज संबंधित व्यवस्था भी होना चाहिए।
हाई कोर्ट ने दिव्यांग कोटे से बाहर हुए शिक्षक को दी बड़ी राहत, सेवा समाप्ति आदेश निरस्त