
नईदुनिया प्रतिनिधि, अनूपपुर। कक्षा छठवीं में पढ़ने वाले एक छात्र जिनकी आयु 13 वर्ष है के द्वारा घर के एक कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। बड़ी बहन के जन्म दिवस पर छोटे भाई की अर्थी उठी। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।
आत्महत्या करने की वजह प्रथम दृष्टया यह सामने आई है कि बच्चा मोबाइल देखने का शौकीन था। सुबह जब दादाजी टहलने चले गए तो फोन लेकर बच्चा कमरे में गया इसके बाद वह बाहर नहीं निकला।
घर के सदस्य दरवाजा खुलवाने का प्रयास किया लेकिन वह अंदर से बंद था खिड़की से झांक कर देखा गया तो वह सीलिंग के पाइप में बहन के स्कार्फ से फांसी पर लटकता दिखा जिसे आनंद-फानन नीचे उतार कर अस्पताल ले जाया गया लेकिन डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
बताया गया मोबाइल पर जब देखा गया तो गूगल आप्शन पर आत्महत्या करने की साइट मिली, इससे पुलिस संभावना यह व्यक्त कर रही है कि कहीं आत्महत्या करने जैसी कोई जानकारी बालक ने हासिल कर ली हो।
बालक के माता-पिता अलग रहते हैं। बालक का नाम लक्ष्यदास पिता सुजीत दास 13 वर्ष निवासी बसंतपुर दफाई अमलाई वार्ड क्रमांक 8 था। बालक एक निजी स्कूल में कक्षा छठवीं का छात्र था।
बालक के माता-पिता छत्तीसगढ़ पेंड्रा में रहते हैं और फेरी लगाने का व्यवसाय करते हैं। जबकि उक्त बालक अपनी बड़ी बहन के साथ दादा- दादी के यहां रह रहा था।
चचाई थाना प्रभारी फूलवती अहिरवार ने बताया कि मोबाइल पर देखा गया की सर्चिंग में आत्महत्या करने जैसी कोई चीज है देखी गई है लेकिन कोई वीडियो देखने में नहीं मिला है। जांच विवेचना के बाद मौत के वस्तु स्थिति के कारण और स्पष्ट हो पाएंगे।
चाचा अजय दास के अनुसार किशोर कुछ माह से मानसिक रूप से परेशान चल रहा था, वह अक्सर कहता था मेरे दोस्त और कुछ लोग ताना मारते हैं। माता-पिता के बीच वैवाहिक जीवन विच्छेद को लेकर मामला चल रहा था।
जिसमें 6 माह के लिए पत्नी को पति के पास रहने के निर्देश थे, इसमें पिता कपड़ा फेरी के कारोबार में परिवार से अलग पेंड्रा ( छत्तीसगढ़) में मझली बेटी के साथ रह रहे थे, जबकि मां के साथ बड़ी बेटी और सबसे छोटा पुत्र रह रहा था। इनके साथ दादा दादी और अन्य परिवार के सदस्य बगल में रहते है।
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