मोबाइल से दूरी और 13 घंटे पढ़ाई, MP Board 12th परीक्षा में मैथ्स टॉपर धीरज पांडे ने बताया ऐसे की पढ़ाई
धीरज पांडे ने इसके पूर्व दसवीं बोर्ड की परीक्षा में जिले की प्रवीण सूची में 93.02 प्रतिशत अंक से तीसरा स्थान हासिल किया था। ...और पढ़ें
Publish Date: Wed, 15 Apr 2026 02:13:44 PM (IST)Updated Date: Wed, 15 Apr 2026 02:20:46 PM (IST)
धीरज पांडे की तस्वीर।HighLights
- किसान परिवार से हैं धीरज, मां गृहिणी और पिता कृषक हैं
- मोबाइल से बनाई दूरी, स्कूल के बाद घर पर करते थे पढ़ाई
- 10वीं में जिले में तीसरे स्थान पर थे, आगे बीटेक करना चाहते हैं
नईदुनिया प्रतिनिधि, अनूपपुर। हायर सेकेंडरी स्कूल बोर्ड सर्टिफिकेट परीक्षा में अनूपपुर के शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में अध्ययनरत छात्र धीरज पिता सत्यनारायण पांडे ने गणित संकाय में प्रदेश की प्रवीण्य सूची में प्रथम स्थान हासिल कर परिवार, स्कूल और जिले का गौरव बढ़ाया है। धीरज को कुल 500 अंकों में से 486 अंक प्राप्त हुए हैं।
धीरज के मां शशि पांडे ग्रहणी है जबकि पिता सत्यनारायण मूल रूप से कृषक हैं और सभी नगर पालिका अनूपपुर क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 13 बस्ती में निवास करते हैं। धीरज ने अपनी इस सफलता के लिए पूरे परिवार एवं कक्षा के सभी विषय शिक्षकों को अपनी सफलता का श्रेय दिया है। धीरज ने कहा कि आगे वह बीटेक करेंगे। उन्होंने बताया कि एनसीईआरटी की पुस्तक से ही उन्होंने सभी विषयों का अध्ययन किया।
कोई ट्यूशन का सहारा नहीं लिया
इस पुस्तक से पढ़ाई करके उन्हें जरूरी प्रश्न जो आ सकते थे उनके नोट से तैयार करने में बेहद मदद प्राप्त हुई। कोई ट्यूशन का सहारा नहीं लिया। स्कूल के बाद वह प्रतिदिन घर पर 12 से 13 घंटे पढ़ाई में दिए। पूरे सत्र उन्होंने नियमित क्लास अटेंड की और मोबाइल से दूरी बनाकर रखी। धीरज ने इसके पूर्व दसवीं बोर्ड की परीक्षा में जिले की प्रवीण सूची में 93.02 प्रतिशत अंक से तीसरा स्थान हासिल किया था।
धीरज को गणित के साथ रसायन बहुत की विषय भी बेहद प्रिय रहें हैं। पढ़ाई के साथ वह क्रिकेट खेल में लगाव रखते हैं। नईदुनिया ने सबसे पहले उन्हें प्रदेश की प्रवीण्य सूची में स्थान हासिल होने की सूचना दी जिससे वह और पूरा परिवार अत्यंत प्रफुल्लित रहा।
धीरज ने कहा कि पढ़ाई को प्रसन्नचित एकाग्र होकर तथा जरूरी नोट्स से बनाकर तैयारी की जाए तो सफलता मिलने की पूरी संभावना रहती है और उन्हें पूरा यकीन था कि परीक्षा परिणाम आने पर बेहतर उपलब्धि हासिल होगी।