
नवदुनिया प्रतिनिधि,अशोकनगर। जिले में नकली भारतीय मुद्रा के कारोबार पर बड़ी कार्रवाई करते हुए कोतवाली पुलिस ने अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने 87,700 रुपये के जाली नोटों के साथ तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक जांच में इस नेटवर्क के तार मध्यप्रदेश से होते हुए उत्तर प्रदेश के आगरा तक जुड़े मिले हैं।
पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों, नकली नोटों के निर्माण केंद्र और वितरण तंत्र की पड़ताल में जुटी है। एसपी राजीव कुमार मिश्रा ने बताया कि 5 जुलाई को मुखबिर से सूचना मिली थी कि रातीखेड़ा-रूसल्ला मार्ग स्थित प्रतीक्षालय के पास एक युवक बड़ी मात्रा में जाली नोट लेकर उन्हें बाजार में खपाने की फिराक में बैठा है।
सूचना मिलते ही थाना प्रभारी निरीक्षक रवि प्रताप सिंह चौहान के नेतृत्व में पुलिस टीम ने घेराबंदी कर राजगढ़ जिले के ग्राम बबल्या निवासी 22 वर्षीय कुलदीप बघेल को दबोच लिया। आरोपी की तलाशी लेने पर उसके पास से 500 रुपये के 85 और 100 रुपये के 432 जाली नोट बरामद हुए, जिनकी कुल कीमत 87,700 रुपये है।
पूछताछ में कुलदीप ने बताया कि यह नकली नोट उसे खंडवा निवासी कार्तिक पाटीदार ने दिए थे, जबकि इनकी आपूर्ति आगरा निवासी हेमंत कोली द्वारा की जाती थी। इस खुलासे के बाद पुलिस ने शिवपुरी से कार्तिक पाटीदार और हेमंत कोली को भी गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का मानना है कि गिरोह लंबे समय से विभिन्न जिलों में नकली नोट खपाने का प्रयास कर रहा था।
बरामद नकली नोट पहली नजर में असली जैसे दिखाई देते हैं, लेकिन जांच में कई महत्वपूर्ण अंतर सामने आए। सबसे बड़ा फर्क नोट के कागज की गुणवत्ता में पाया गया। असली नोट विशेष कागज पर छपते हैं, जबकि नकली नोट हाथ में लेते ही अलग एहसास देते हैं। इसी प्रकार नोट पर बनी नीले रंग की सुरक्षा पट्टी (सिक्योरिटी स्ट्रिप) भी असली नोट जैसी गुणवत्ता की नहीं थी।
पुलिस जांच में एक और दिलचस्प तथ्य सामने आया। बरामद 500 रुपये के सभी नकली नोटों पर अलग-अलग सीरियल नंबर अंकित थे, जिससे उन्हें असली जैसा दिखाने की कोशिश की गई थी। वहीं 100 रुपये की गड्डियों में अधिकांश नोट एक ही सीरीज और क्रमांक वाले पाए गए, जिससे उनके नकली होने का संदेह तुरंत मजबूत हो गया।
एसपी मिश्रा ने बताया अब पुलिस द्वारा जहां नकली नोटों को बनाने का अवैध कारोबार चल रहा है वहां तक पहुंचाने के लिए आरोपितों को पुलिस रिमांड पर लिया गया है। वहीं पुलिस जांच में ज्ञात हुआ है कि उक्त नोट आगरा में बनाए जा रहे हैं। पुलिस का दावा है किसी गिरी अंतर राज्य स्तर पर नकली नोटों को बनाने वाले बदमाशों का खुलासा किया जाएगा।
यदि किसी को संदिग्ध नोट मिले या नकली मुद्रा के संबंध में कोई जानकारी हो तो तत्काल पुलिस को सूचना दें। मामले की जांच जारी है और पुलिस को जल्द ही इस अंतरराज्यीय नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों तक पहुंचने की उम्मीद है।
-राजीव कुमार मिश्रा एसपी अशोक नगर