आशीर्वाद समारोह में सैनिक ने नशे में युवती से की मारपीट, फिर मांगी माफी
अक्षय भीमटे भारतीय सेना में सैनिक के पद पर है, जिसके आचरण और कृत्य ने समाज को शर्मसार किया है। घटना 25 अप्रैल की रात की है। ...और पढ़ें
Publish Date: Mon, 27 Apr 2026 04:26:49 PM (IST)Updated Date: Mon, 27 Apr 2026 04:34:16 PM (IST)
समारोह में मारपीट की घटना के बाद एकजुट हुए ग्रामीण व परिजन- नईदुनियाHighLights
- अभय के भाई अक्षय ने भी अभय का साथ दिया।
- समारोह में मौजूद कई लाेगों पर हमला किया।
- ग्रामीणों का कहना है कि सैनिक नशे में धुत था।
नईदुनिया न्यूज, किरनापुर। ग्राम पंचायत किरनापुर के दीपशिखा मैरिज लान में विवाह के आशीर्वाद समारोह में नशे में धुत अभय पिता गौरीशंकर भीमटे ने गांव की एक एक युवती के साथ अभद्रता कर मारपीट की। बीच-बचाव करने आए युवती के भाई से भी अभय ने मारपीट कर दी।
अक्षय भीमटे भारतीय सेना में सैनिक के पद पर है, जिसके आचरण और कृत्य ने समाज को शर्मसार किया है। घटना 25 अप्रैल की रात की है।
अभय के भाई अक्षय ने भी अभय का साथ दिया और समारोह में मौजूद कई लाेगों पर हमला किया। ग्रामीणों का कहना है कि एक सैनिक का नशे में धुत होकर महिला के सम्मान को ठेस पहुंचाना और हिंसा करना सैन्य परंपराओं का घोर अपमान है।
विवाद के दौरान अक्षय भीमटे, अभय भीमटे और अमित भीमटे सहित भीमटे परिवार ने एकजुट होकर युवती के विरोध करने पर प्राणघातक हमला बोल दिया। हमले में युवती को गंभीर चोटें आईं है, जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
युवती ने 112 नंबर पर पुलिस को सूचित किया। किरनापुर थाना प्रभारी अनुराग ने त्वरित कार्रवाई की। मौके पर पहुंची पुलिस को देखते ही आरोपित भागने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन मुख्य आरोपित अभय, अक्षय, अमित और दीपिका सहित परिवार के अन्य सदस्यों को दबोचकर थाना ले
वरिष्ठ और साथी अधिवक्ताओं ने जताया कड़ा रुख
- अपने अधिवक्ता साथी के साथ घटित घटना एवं मामले की गंभीरता को देखते हुए जबलपुर उच्च न्यायालय के पूर्व अध्यक्ष रमन पटेल की सुपुत्री एडवोकेट सरोज पटेल, एडवोकेट सौरभ पटेल एवं 15 से अधिक वरिष्ठ अधिवक्ताओं का दल पहुंचा।
- युवती के परिवार द्वारा की गई वीडियो रिकार्डिंग में आरोपितों की हिंसक करतूतें स्पष्ट रूप से कैद थीं, जिसके कारण आरोपियों के पास बचाव का कोई मार्ग नहीं बचा।
- लिखित रूप से माफीनामा देते हुए सार्वजनिक रूप से माफी भी मांगी।
- अधिवक्ताओं के कड़े कानूनी घेरे और पुख्ता सबूतों के आगे आरोपियों ने घुटने टेक दिए।
- आरोपियों ने लिखित माफीनामा सामाजिक रूप से लगभग 100 लोगों के बीच उच्च न्यायालय के अधिवक्ताओं के समक्ष प्रस्तुत किया।
- वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने अंतिम चेतावनी देते हुए स्पष्ट किया कि अक्षय भीमटे ने सैनिक होकर जो हिंसा दिखाई है, उसकी आधिकारिक शिकायत सैन्य मुख्यालय को भेजी जाएगी।
- उसका सैन्य करियर और पेंशन लाभ तत्काल समाप्त हो सकते हैं।