
नईदुनिया प्रतिनिधि, बालाघाट। मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र में 2016 से डबल मनी (कम समय में रुपये दोगुना करने) का लालच देकर करोड़ों रुपये ठगी करने वाले मुख्य आरोपित सोमेंद्र कंकरायने और उसके सात साथियों को पुलिस ने उत्तराखंड के हरिद्वार से गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपितों ने 500-600 करोड़ की ठगी की है, लेकिन यह फर्जीवाड़ा एक हजार करोड़ तक का हो सकता है। गिरफ्तार किए गए अन्य आरोपितों में तामेश मंसूरे, राकेश मंसूरे, प्रदीप कंकरायने, प्रद्युम्न कंकरायने आदि शामिल हैं।
सोमेंद्र बालाघाट (मध्य प्रदेश) के लांजी तहसील के बोलेगांव का निवासी है और फर्जीवाड़े की शुरुआत अपने गांव से की थी। उसने तीन से छह माह में रुपये दोगुना करने का लालच देकर किसानों, ग्रामीणों और शासकीय सेवकों से लाखों रुपये निवेश कराए। इस फर्जीवाड़े में सोमेंद्र के साथ हेमराज आमाडारे और अजय तिड़के भी शामिल थे। 2022 में पुलिस की जांच में उनके द्वारा संचालित स्कीमें फर्जी निकलीं। इसके बाद सोमेंद्र को गिरफ्तार कर उसके पास से करीब 20 करोड़ रुपये बरामद किए गए थे, जो न्यायालय में जमा हैं। बाद में सोमेंद्र को जमानत मिल गई।
एसपी आदित्य मिश्रा के अनुसार, सोमेंद्र अपने रिश्तेदारों के नाम पर अचल संपत्ति बेचने की फिराक में था। भोपाल में पावर ऑफ अटर्नी का पंजीयन हो रहा था। पुलिस को खबर लगी तो खरीदार बनकर उससे संपर्क किया और हरिद्वार से गिरफ्तार कर लिया। 2022 में जमानत मिलने के बाद से वह जगन्नाथ पुरी, हरिद्वार, त्र्यंबकेश्वर, रामेश्वरम, मीनाक्षी मंदिर जैसे तीर्थ स्थलों में फरारी काट रहा था। सोमेंद्र 12वीं तक पढ़ा-लिखा है। उसे आलीशान घर, कीमती कार और ब्रांडेड कपड़े का शौक था। बातचीत के लिए टेलीग्राम कॉल का इस्तेमाल करता था।
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