
नईदुनिया प्रतिनिधि, बालाघाट। प्रदेशभर में सुर्खियां बटोरने वाले बालाघाट के चावल हेराफेरी कांड में एसआईटी ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। एसआईटी ने रविवार को पूर्व मंत्री रामकिशोर कावरे के बड़े भाई राजकुमार (कुमार) कावरे को भोपाल से गिरफ्तार कर लिया है। इसके साथ ही पूर्व मंत्री व भाजपा जिलाध्यक्ष कावरे की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
फिलहाल, बालाघाट पुलिस ने कुमार कावरे की गिरफ्तारी की अधिकृत पुष्टि नहीं की है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, एसआईटी को भोपाल के गोविंदपुरा थाना अंतर्गत क्षेत्र से कुमार की लोकेशन प्राप्त हुई थी। इसके बाद रविवार को एसआईटी ने कुमार कावरे को रचना टावर क्षेत्र से गिरफ्तार किया।
इसके बाद एसआईटी ने गोविंदपुरा थाना पुलिस को इसकी सूचना दी। सूत्रों की मानें, तो कुमार को लेकर वारासिवनी थाना प्रभारी सहित एसआईटी की टीम बालाघाट के लिए रवाना हो गई है। टीम, रविवार देर रात तक बालाघाट पहुंचेगी। पूर्व मंत्री के भाई की गिरफ्तारी की खबर फैलते ही जिलेभर में हलचल तेज हो गई। भाजपा सहित अन्य राजनीतिक दलों में चर्चाओं का दौर भी शुरू हो गया है। मामले में यह 20वीं गिरफ्तारी है।
4 जून को उजागर सरकारी चावल की चोरी की कड़ियां पूर्व मंत्री के भाई कुमार की टेकाड़ी स्थित हर्ष राइस मिल से भी जुड़ी हैं। एसआईटी तकनीकी साक्ष्यों, वित्तीय लेनदेन और बयानों के आधार पर कुमार कावरे के बिजनेस पार्टनर विनोद शर्मा, गोपाल ठाकुर और पूर्व मंत्री के भतीजे अविनाश कावरे को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।
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तीनों आरोपित फिलहाल बालाघाट जेल में हैं। कुमार कावरे की गिरफ्तारी न होने से पुलिस पर कई सवाल खड़े हो रहे थे। विपक्ष लगातार पुलिस पर सवाल खड़े कर रहा था। आखिरकार पुलिस के हाथ हर्ष राइस मिल के कर्ताधर्ता तक पहुंच गए हैं।